Rajasthan News: परंपरा, परिवार और भव्यता का संगम तब देखने को मिला जब नागौर जिले के झाडेली गांव में एक परिवार ने बेटी के बच्चों की शादी में मायरे के रूप में 21 करोड़ रुपये से अधिक का योगदान देकर नया इतिहास रच दिया। यह अब तक का सबसे बड़ा मायरा माना जा रहा है, जिसने राजस्थान में मायरे से जुड़े सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

झाडेली परिवार ने रचा रिकॉर्ड
जायल तहसील के झाडेली गांव से ताल्लुक रखने वाले पूर्व उप प्रधान भंवरलाल पोटलिया के पुत्र एडवोकेट हड़मान राम ने यह मायरा भरा है। यह मायरा कमला नामक महिला के बच्चों की शादी में नाना के रूप में दिया गया। मायरे में शामिल है:
- ₹1.51 करोड़ नकद
- 1 किलो सोना
- 15 किलो चांदी
- 210 बीघा कृषि भूमि
- एक पेट्रोल पंप
सियासी हस्तियां भी बनीं गवाह
इस भव्य मायरा समारोह में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और हरियाणा भाजपा प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया भी मौजूद रहे। उन्होंने न सिर्फ इस रस्म को देखा, बल्कि स्थानीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों की सराहना भी की।
राजस्थान की परंपरा को दी गई नई ऊँचाई
राजस्थान में मायरे की परंपरा वर्षों पुरानी है, जिसमें ननिहाल पक्ष विशेषकर नाना और मामा अपनी बहन-बेटियों के बच्चों की शादी में आर्थिक सहयोग प्रदान करते हैं। इसे केवल रस्म नहीं, बल्कि पारिवारिक सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में देखा जाता है।
पिछला रिकॉर्ड भी नागौर से ही
गौरतलब है कि इससे पहले भी नागौर का एक किसान 14 करोड़ रुपये का मायरा भरकर सुर्खियों में आया था। लेकिन झाडेली परिवार ने इस नई मिसाल से न केवल सामाजिक चर्चा बटोरी, बल्कि परंपराओं में भी आधुनिकता और समर्पण का संदेश दिया।
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