Rajasthan News: राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में करोड़ों की सरकारी जमीन को रसूखदारों के नाम ट्रांसफर करने का बड़ा घोटाला सामने आया है। अब इस मामले की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) करेगी। गढ़ी तहसीलदार ने 12 सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों समेत 36 भूमिधरों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

91 बीघा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा
जानकारी के अनुसार, गढ़ी तहसील में नेशनल हाईवे-927A के किनारे स्थित 91 बीघा सरकारी जमीन को अवैध तरीके से 36 लोगों के नाम ट्रांसफर कर दिया गया था। इस फर्जीवाड़े में 7 गांवों की बेशकीमती जमीन को निजी लोगों के नाम कर दिया गया। अब इस मामले में ACB ने 12 सरकारी कर्मचारियों और 36 भूमिधरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
इन लोगों पर दर्ज हुआ केस
ACB में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, तत्कालीन तहसीलदार केशर सिंह चौहान, दिनेश चंद्र पाटीदार, प्रदीप सुथार, गौतमलाल पाटीदार, दीपक जैन, अविनाश राठौड़, पटवारी निखिल गरासिया, नीलेश परमार, अभिलाषा जैन समेत अन्य लोगों ने मिलकर यह घोटाला किया। वर्तमान गढ़ी तहसीलदार ने इनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया है।
आरोपियों की सूची:
- रिटायर्ड तहसीलदार: केशर सिंह चौहान
- नायब तहसीलदार: अनिल ताबियार
- पटवारी: विनोद मईड़ा (वजवाना), नागेंद्र सिंह (सुंदनी)
- अन्य: 5 पटवारी और 5 गिरदावर पहले ही निलंबित किए जा चुके हैं।
जनवरी में हुई प्रशासनिक जांच में यह खुलासा हुआ था कि गढ़ी तहसील की कई ग्राम पंचायतों में पटवारी, गिरदावर और तहसीलदार की मिलीभगत से सरकारी जमीन को प्रभावशाली लोगों के नाम किया गया। जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत सिंह यादव ने कड़ी कार्रवाई करते हुए संदिग्ध कर्मचारियों को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब मामला ACB को जांच के लिए सौंपा गया है।
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