Rajasthan News: राजस्थान के किसानों को नकली और खराब बीजों से बचाने के लिए कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मोर्चा खोल दिया है। कृषि विभाग की टीम ने जोधपुर के रीको मण्डोर इलाके में स्थित एक बड़े वेयरहाउस पर अचानक धावा बोल दिया। वहां मूंगफली बीज का एक बहुत बड़ा स्टॉक छुपाकर रखा गया था।

सूत्रों के मुताबिक, यह सारा माल गुजरात की एग्री जेनेटिक प्राइवेट लिमिटेड और गणेश एग्री जेनेटिक नाम की कंपनियों का है। जब अधिकारियों ने इनसे बीज के पक्के कागज और सरकारी सर्टिफिकेट मांगे, तो कंपनियों के हाथ-पांव फूल गए। मौके पर कोई भी जरूरी दस्तावेज नहीं मिला।

27 हजार से ज्यादा बोरियों की बिक्री पर लगी रोक

कागज न मिलने और मामला पूरी तरह संदिग्ध लगने पर कृषि मंत्री ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने देर रात तक खुद इस पूरे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग की। अधिकारियों ने तुरंत एक्शन लेते हुए 27,178 बैग संदिग्ध मूंगफली बीज को बेचने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। इसके साथ ही, अलग-अलग लॉट से 32 सैंपल लेकर जांच के लिए सरकारी लैब भेज दिए गए हैं।

जोधपुर से बालोतरा तक 68 जगहों पर एक साथ छापे

यह कार्रवाई सिर्फ एक गोदाम तक सीमित नहीं थी। कृषि विभाग की अलग-अलग टीमों ने एक साथ जोधपुर, फलोदी, बाड़मेर और बालोतरा जिलों में जाल बिछाया। कुल 68 बीज दुकानों और गोदामों को खंगाला गया। वहां रखे स्टॉक रजिस्टर, लाइसेंस और बिक्री के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच हुई। हालांकि, बोरानाड़ा की बालाजी एग्रो इंडस्ट्रीज में भी जांच हुई थी, लेकिन वहां सब कुछ सही मिलने पर उनके माल को छोड़ दिया गया।

कृषि मंत्री की दो टूक चेतावनी

किसानों की मेहनत के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। हमारी सरकार जीरो टॉलरेंस पर काम कर रही है। अगर लैब टेस्ट में बीज नकली निकले, तो कंपनियों को जेल भिजवाया जाएगा। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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