Rajasthan News: नाबालिग लड़की से रेप के मामले में उम्रकैद काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से बहुत बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने बीमारी और बुढ़ापे के बहाने दी गई उनकी अंतरिम जमानत को आगे बढ़ाने से साफ मना कर दिया।

बता दें पिछले 2 साल से आसाराम लगातार जेल से बाहर चल रहा था। लेकिन अब राहत का समय खत्म हो चुका है। कोर्ट के कड़े तेवर के बाद आसाराम ने चुपचाप जोधपुर जेल में सरेंडर कर दिया है।

सुनवाई के दौरान 86 साल के आसाराम की तरफ से वकीलों ने कोर्ट में गुहार लगाई थी कि वे बहुत बीमार हैं। उन्हें लगातार डॉक्टरों की देखरेख की जरूरत है। इसलिए जमानत को और आगे बढ़ाया जाए। लेकिन सरकारी वकील और पीड़िता के परिवार ने इसका डटकर विरोध किया। कोर्ट ने भी साफ कहा कि शारीरिक कमजोरी की आड़ में हम पीड़िता के दर्द को नहीं भूल सकते।

कोर्ट ने इस मामले में एक टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में न्याय सिर्फ आरोपी के आराम के लिए नहीं होता। लड़की के सम्मान और सुरक्षा की रक्षा करना कोर्ट की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

कोर्ट ने कहा आसाराम के लिए जेल की दीवारें सिर्फ शरीर को कैद करती हैं, लेकिन पीड़िता का दर्द बिना दीवारों की ऐसी सजा है जो ताउम्र खत्म नहीं होगी। खुद को भगवान का दूत बताने वाले इस इंसान ने कानून और मर्यादा दोनों को तार-तार किया है। अगर ऐसे मामलों में नरमी दिखाई गई तो समाज का हमारी न्याय व्यवस्था से भरोसा ही उठ जाएगा।

जेल की सलाखों के पीछे पहुंचते ही आसाराम ने कोर्ट में एक नई अर्जी लगा दी है। सूत्रों के हवाले से पता चला है कि आसाराम ने जेल के खाने के बजाय घर का शुद्ध खाना मंगाने की मांग की है। इसके साथ ही बीमारियों के इलाज के लिए आरोग्यं अस्पताल जाने की इजाजत मांगी है। इस नई अर्जी पर कल यानी 3 जून को राजस्थान हाईकोर्ट में दोबारा सुनवाई होगी।

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