Rajasthan News: राजस्थान की राजनीति में रविवार को बड़ा धमाका हुआ जब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बागीदौरा से भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के विधायक जयकृष्ण पटेल को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह राज्य के इतिहास का पहला मामला है जब किसी मौजूदा विधायक को रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया है।

खनन कंपनी से मांगी थी करोड़ों की रिश्वत
पटेल पर आरोप है कि उन्होंने करौली जिले की टोडाभीम विधानसभा क्षेत्र में खनन करने वाली एक कंपनी से विधानसभा में पूछे गए सवालों को हटवाने के बदले 10 करोड़ रुपये की मांग की थी। बाद में यह डील 2.5 करोड़ रुपये में तय हुई। एसीबी ने उन्हें जयपुर स्थित सरकारी आवास से 20 लाख रुपये की पहली किस्त लेते हुए गिरफ्तार किया।
कंपनी का बीजेपी से कनेक्शन
यह खनन कंपनी टालकोस इंडिया एलएलपी है, जो भाजपा नेता रामनिवास मीणा और उनके बेटे रविंद्र मीणा की है। रविंद्र मीणा 2023 में करौली से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं, जबकि उनके पिता टोडाभीम से भाजपा उम्मीदवार रहे हैं।
ब्लैकमेल की शुरुआत विधानसभा में उठे सवालों से
पटेल ने 11 जुलाई 2024 को विधानसभा में खनन, नशा तस्करी, वन्यजीवों की अवैध रख-रखाव और फॉर्महाउस के मामलों पर प्रश्न पूछे थे। सरकार ने जवाब में इन आरोपों को खारिज किया, लेकिन इसके बाद पटेल ने कंपनी पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।
ACB ने जुटाए थे पुख्ता सबूत
ACB ने 29 जुलाई को शिकायत के बाद कार्रवाई शुरू की। ट्रैप से पहले एसीबी ने खनन और वन विभाग की रिपोर्ट, कॉल रिकॉर्डिंग, दस्तावेज़ और ट्रैप वीडियो समेत कई अहम सबूत जुटाए। पटेल, उनके गनमैन और कंपनी के कर्मचारियों को सर्विलांस पर भी लिया गया।
सचिव फरार, रकम नहीं मिली बरामद
हालांकि, ट्रैप के दौरान ली गई रिश्वत की रकम विधायक के निजी सचिव रोहित के पास थी, जो मौके से फरार हो गया और रकम भी लेकर चला गया। उसकी तलाश जारी है।
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