Rajasthan News: जयपुर ग्रामीण के सांसद राव राजेंद्र ने संसद में एक प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया है, जिसमें देश का आधिकारिक नाम इंडिया की जगह भारत करने का प्रस्ताव रखा गया है। उनका कहना है कि जिस भूमि को हम मां भारती कहते हैं, उसका वास्तविक नाम हमेशा से भारत ही रहा है। अंग्रेजों ने उपनिवेश काल में इसे इंडिया कहा और वही शब्द आज तक चला आ रहा है।

सांसद के अनुसार संविधान के अनुच्छेद 1 में India that is Bharat लिखा है, जबकि व्यवहार में भारत शब्द को हमने साहित्य, संस्कृति और परंपरा में ही नहीं, बल्कि संविधान के विमोचन में भी अपनाया है। इसलिए देश का एकमात्र आधिकारिक नाम भारत होना चाहिए।
भारत शब्द संस्कृति और पहचान के अनुकूल: सांसद
राव राजेंद्र ने तर्क दिया कि जब अंग्रेजी अनुवादों पर निर्भरता बढ़ती है, तो भारत के लिए इंडिया शब्द ही इस्तेमाल होता है। इससे देश की संस्कृति, सभ्यता और ऐतिहासिक पहचान कमजोर होती है। उनके मुताबिक भारत शब्द हमारे इतिहास और संस्कारों के अनुरूप है, इसलिए आधिकारिक नाम भी यही होना चाहिए।
शहरों के नाम बदले, तो देश का क्यों नहीं
उन्होंने कहा कि देश ने पहले भी कई शहरों के नाम बदले हैं बम्बई से मुंबई, मद्रास से चेन्नई, कलकत्ता से कोलकाता और गुड़गांव से गुरुग्राम। न्याय संहिता तक में बदलाव हुए। ऐसे में राष्ट्र के नाम को उसके मूल रूप भारत से संबोधित करना स्वाभाविक कदम होना चाहिए।
राव राजेंद्र ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय साहित्य और इतिहास में भी कई जगह भारत शब्द का ही प्रयोग मिलता है। जर्मनी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि 1800 के दशक में भी भारत को एक उभरते राष्ट्र के रूप में देखा गया था। उनका कहना है कि एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में हमें एक ही नाम अपनाना चाहिए और वह नाम भारत होना चाहिए।
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