Rajasthan News: जयपुर के पॉश इलाके मानसरोवर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सबको चौंका दिया है। एक पीडब्ल्यूडी (PWD) अफसर की पत्नी अनु मीणा ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। हैरान करने वाली बात यह है कि मौत के पूरे 38 दिन बाद अब जाकर पुलिस में एफआईआर दर्ज हुई है। मामला रसूखदार अफसर से जुड़ा था, इसलिए इसे दबाने की पूरी कोशिश हुई। पर आखिरकार सच सामने आ ही गया।

शराब, रसूख और वो काली रात
अनु की शादी साल 2015 में गौतम मीणा से हुई थी। गौतम पीडब्ल्यूडी विभाग में एक्सईएन (XEN) के पद पर तैनात है। बाहर से बेहद सभ्य दिखने वाले इस अफसर का असली चेहरा घर की चारदीवारी के भीतर बिल्कुल अलग था। शादी के वक्त परिवार को नहीं पता था कि गौतम शराब का बेहद आदी है। वह रोज रात को शराब पीकर आता और अनु के साथ बेरहमी से मारपीट करता था। गाली-गलौज तो जैसे रोज की बात बन चुकी थी। अनु ने कई बार अपने मायके वालों को यह बात बताई। हर बार गौतम पंचों के सामने पैर पकड़कर माफी मांग लेता और मामला शांत हो जाता। लेकिन आदत नहीं बदली।
60 लाख का खर्च और होंडा सिटी की भूख
मृतका के भाई नीरज ने पुलिस को बताया कि शादी में उन लोगों ने करीब 60 लाख रुपये खर्च किए थे। इतना ही नहीं, गौतम और उसके मामा की डिमांड पर शादी के समय ही चमचमाती होंडा सिटी कार और 5 लाख रुपये कैश भी दिए गए थे। मोटी रकम और लग्जरी गाड़ी मिलने के बाद भी गौतम का लालच कम नहीं हुआ। वह लगातार और पैसों के लिए अनु को प्रताड़ित करता रहा। बार-बार की पिटाई और इस मानसिक टॉर्चर से तंग आकर आखिरकार अनु ने 7 अप्रैल को फांसी के फंदे पर लटककर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
पंचायत का दबाव और भाई की जिद
बहन की मौत के बाद जब नीरज न्याय के लिए निकला, तो रास्ता आसान नहीं था। रसूखदार अफसर पति ने मामले को रफा-दफा करने के लिए समाज और पंचायत का भारी दबाव बनवाया। कई दिनों तक समझौते की कोशिशें चलती रहीं। हर तरफ से नीरज पर एफआईआर न करने का प्रेशर था। लेकिन नीरज अपनी बहन के हत्यारों को सजा दिलाने पर अड़ गया। उसने पंचायत के आगे झुकने से साफ मना कर दिया।
आदित्य ककड़े, एसीपी, मानसरोवर के अनुसार पीड़ित परिवार के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। आरोपी कितना भी रसूखदार हो, बख्शा नहीं जाएगा।
नीरज सीधे डीसीपी से मिला और अपनी आपबीती सुनाई। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और 15 मई को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 128 और 85 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने और घरेलू हिंसा का मुकदमा दर्ज किया गया। फिलहाल पुलिस मामले के सबूत जुटा रही है।
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