Rajasthan News: विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मंत्री उन जिलों में नहीं गए जहां अतिवृष्टि से सबसे ज्यादा तबाही हुई, बल्कि हल्के नुकसान वाले इलाकों का सर्वे कर लौट आए। जूली ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री खुद भी चर्चा के दौरान सदन में न रहकर अपने दफ्तर में बैठ जाते हैं और किसानों की समस्याओं पर बहस से बचते हैं।

उन्होंने कहा कि किसानों को हजारों करोड़ का नुकसान हुआ है, लेकिन सरकार महज दो ढाई करोड़ की राहत बांटकर औपचारिकता निभा रही है। तंज कसते हुए बोले सरकार मीटिंग-मीटिंग खेल रही है, आंख-मिचौली हो रही है, जबकि मंत्रियों और सचिवों की रिपोर्ट के आधार पर तुरंत राहत पैकेज घोषित होना चाहिए।
जनहित के मुद्दों से घबरा गई सरकार
जूली ने कहा कि सरकार कांग्रेस के सवालों से बचने लगी है। सदन में विपक्ष का माइक बार-बार बंद कर दिया जाता है और स्पीकर मंत्रियों को बचाने का काम कर रहे हैं। उनका आरोप था कि मंत्रियों को खुद सवालों के जवाब नहीं आते, इसलिए चर्चा से बचाया जा रहा है।
कानून-व्यवस्था पर जवाब गोलमोल
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विपक्ष जब कानून-व्यवस्था या जनता के मुद्दों पर चर्चा की मांग करता है तो सरकार गोलमोल जवाब देकर मामले को टाल देती है।
अपराध पर भी उठाए सवाल
खानपुर विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए जूली ने कहा कि पिछले डेढ़ साल में कई चोरी की वारदातें हुईं, लेकिन पुलिस केवल 35 मामलों की बरामदगी कर पाई और 29 मामलों में ही गिरफ्तारी हो सकी। उनके मुताबिक अपराधियों को पकड़ने और बरामदगी का अनुपात सिर्फ 30-35 फीसदी है, जो स्थिति की गंभीरता दिखाता है।
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