Rajasthan News: राजस्थान में जाट समाज ने आरक्षण की मांग को लेकर एक बार फिर हुंकार भरी है। रविवार को भरतपुर में आयोजित जाट आरक्षण संघर्ष समिति की हुंकार सभा में समाज के लोगों ने सरकार को एक महीने का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगे पूरी नहीं हुईं तो अगला आंदोलन रेल पटरियों और सड़कों पर होगा।

हुंकार सभा में जुटी ताकत
सभा में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल, भरतपुर सांसद संजना जाटव सहित भरतपुर, धौलपुर और डीग जिलों से बड़ी संख्या में जाट समाज के लोग शामिल हुए। मंच से वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि अब आरक्षण सिर्फ मांगने का नहीं, लेने का समय है।
ओबीसी आरक्षण और अन्य मांगें
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेम सिंह फौजदार ने बताया कि भरतपुर, धौलपुर और डीग के जाट समाज को केंद्रीय सेवाओं में ओबीसी आरक्षण देने की मांग की जा रही है। इसके साथ ही राज्य स्तर की तीन प्रमुख मांगें रखी गईं:
- 2015-17 के बीच चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए।
- महाराजा सूरजमल कल्याण बोर्ड का गठन किया जाए।
- आरक्षण आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं।
राज्य सरकार ने कागजी प्रक्रिया पूरी की
फौजदार ने कहा कि केंद्र में ओबीसी आरक्षण देने के लिए जरूरी दस्तावेज और प्रक्रियाएं राज्य सरकार द्वारा पहले ही पूरी की जा चुकी हैं। अब केवल केंद्र सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी होना बाकी है।
रेल और सड़क जाम की चेतावनी
सभा के अंत में संयोजक नेम सिंह फौजदार ने कहा, हम सरकार को एक महीने का समय दे रहे हैं। यदि मांगे नहीं मानी गईं, तो हमारा आंदोलन गांधीवादी नहीं होगा। हम रेल पटरियों और सड़कों पर उतरेंगे और इसके लिए पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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