Rajasthan News: राजस्थान में बीजेपी विधायक शंकर सिंह रावत की बेटी कंचन चौहान पर फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र के आधार पर नायब तहसीलदार की नौकरी हासिल करने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले ने प्रदेश की सियासत और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। शिकायतकर्ता फनीश ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से इसकी शिकायत की, जिसके बाद मामला विशेष जांच दल (SOG) को सौंपा गया है।

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि कंचन चौहान के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद उनके दिव्यांगता प्रमाणपत्र की जांच के लिए SOG को पत्र लिखा गया है। कार्मिक विभाग के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, ऐसे मामलों की जांच SOG द्वारा की जाती है। मेहता ने स्पष्ट किया कि अब इस मामले की पूरी जांच और कार्रवाई SOG के जिम्मे है।
आरोप है कि कंचन चौहान ने फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र के सहारे RPSC की विशेष योग्यता वर्ग की परीक्षा पास की और राजस्व विभाग में नायब तहसीलदार के पद पर नियुक्ति प्राप्त की। इस खुलासे ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। शिकायतकर्ता ने इसे गंभीर अपराध बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया है। बीजेपी विधायक की बेटी से जुड़ा होने के कारण मामला और संवेदनशील हो गया है। अब सभी की नजरें SOG की जांच पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि क्या यह केवल आरोप हैं या किसी बड़े घोटाले का हिस्सा। जांच के नतीजे भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता और इस मामले की सच्चाई को सामने लाएंगे।
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