Rajasthan News: राजस्थान में अन्नदाता के हक पर डाका डालने का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है। हनुमानगढ़ के पल्लू और बीकानेर के गजनेर में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नाम पर करीब 15 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार की पूरी तैयारी थी।
यूपी और बिहार के ऐसे लोगों को किसान बना दिया गया जिनके पास राजस्थान में एक इंच जमीन तक नहीं है। गनीमत रही कि वक्त रहते कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को भनक लग गई और उन्होंने मौके पर पहुंचकर इस महाघोटाले का भंडाफोड़ कर दिया।

मैनेजर के पास नहीं थे जवाब
गुरुवार दोपहर कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा अचानक हनुमानगढ़ के पल्लू स्थित एसबीआई (SBI) ब्रांच पहुंच गए। मंत्री को देखते ही बैंक स्टाफ में हड़कंप मच गया। जब मंत्री ने उन 162 किसानों की जमाबंदी और जमीन के रिकॉर्ड मांगे जिनके नाम पर 9 करोड़ का क्लेम पास हुआ था, तो मैनेजर बगलें झांकने लगे। मंत्री ने दोटूक कहा कि बिना जमीन के रिकॉर्ड और बिना पटवारी की रिपोर्ट के करोड़ों का बीमा क्लेम कैसे तैयार हो गया? सूत्रों की मानें तो इस खेल में बैंक अधिकारियों की मिलीभगत साफ नजर आ रही है।
बीकानेर में भी 6 करोड़ के घोटाले की तैयारी
घोटाले की जड़ें सिर्फ हनुमानगढ़ तक ही सीमित नहीं हैं। बीकानेर के गजनेर इलाके में भी बिल्कुल इसी तर्ज पर 6 करोड़ रुपए का चूना लगाने की तैयारी थी। वहां भी फर्जी किसानों के नाम पर खाते खोलकर उन्हें ऋणी दिखाया गया। मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने साफ कहा, मैंने अपने राजनीतिक जीवन में ऐसी खुली लूट कभी नहीं देखी। जुलाई 2025 में प्रीमियम कटा और बैंक को खबर तक नहीं? यह सीधे तौर पर अन्नदाता के साथ विश्वासघात है।
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