Rajasthan News: शहर में रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर-पश्चिम रेलवे ने ‘कवच’ लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इससे रेल दुर्घटनाओं में कमी आएगी। ऐसे में आने वाले दिनों उदयपुर से आवागमन करने वाली ट्रेनों को भी कवच की सुरक्षा मिलेगी।

जानकारी के अनुसार, चित्तौड़गढ़ से उदयपुर सेक्शन के बीच ऑप्टिकल फाइबर लाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। यह काम राणा प्रतापनगर स्टेशन के समीप तक पूरा हो चुका। इसके तहत पटरियों के दोनों छोर पर 48 फाइबर वाली दो-दो केबल डाली जा रही है। केबल बिछाने का काम दिसंबर अंत तक पूरा होगा। इसके बाद आगे का काम होगा। सूत्रों ने बताया कि यह काम एक साल में पूरा होगा। इसके बाद उदयपुर से अहमदाबाद ट्रैक पर काम किया जाएगा।
ये लाभ होंगे
- ट्रेन टक्कर की संभावना लगभग शून्य
- मानवरहित फाटकों पर हादसे होंगे कम
- ट्रेनों की रतार बढ़ेगी
- धुंध और खराब मौसम में भी ट्रेनें सुरक्षित
- ह्यूमन एरर पर भी सिस्टम काम करता रहेगा
- हाई-स्पीड ट्रेनों के लिए रास्ता आसान
क्या है ‘कवच’
कवच भारतीय रेलवे की एक स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली है, जो दो ट्रेनों को आपस में होने वाले एक्सीडेंट से रोकती है। इसमें ट्रैक पर फाइबर केबल बिछाने के साथ ही टावर के माध्यम से जीपीएस लगाए जाएंगे। एक डिवाइस प्रत्येक ट्रेन के इंजन में भी लगाई जाती है। ऐसे में एक ट्रैक पर दो इंजन आने पर तेज रतार में भी ऑटोमैटिक ब्रेक लगा देती है। यह सिस्टम सिग्नल को न देख पाने की स्थिति में भी ट्रेन को रोक देता है। यह लोको पायलट को कंट्रोल रूम और सिग्नलिंग सिस्टम से लगातार जोड़े रखता हैं।
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