Rajasthan News: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बूंदी में वर्ष 2020-21 के दलहन-तिलहन खरीद टेंडर में घोटाले का खुलासा किया हैं। उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां कार्यालय बूंदी की निविदा समिति ने नियमों को ताक पर रखकर चहेती फर्म वर्धमान ट्रेडिंग कंपनी, देई को बाजार दर से 41 प्रतिशत तक अधिक दर पर ठेका दे दिया गया थां, जिससे सरकारी खजाने को लाखों रुपए की चपत लगी।

ACB जयपुर ने 7 अधिकारियों और फर्म मालिक राजकुमार जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया हैं, मामले की जांच बूंदी ACB के DSP ज्ञानचंद मीणा को सौंपी गई हैं। अब तक की जांच में ये भी सामने आया कि अन्य सभी फर्मों के टेंडर में छोटी-मोटी तकनीकी खामियां निकालकर उन्हें खारिज कर दिया गया था, ताकि सिर्फ अपनी खास फर्म को फायदा पहुंचाया जा सके।
इन-इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
- अमर सिंह (तत्कालीन निविदा समिति अध्यक्ष, रिटायर्ड)
- विमल कुमार टेलर (सदस्य, रिटायर्ड)
- नरेश शुक्ला (तत्कालीन अतिरिक्त कोषाधिकारी)
- अनिल कुमार राजन (निरीक्षक ऑडिट, बूंदी)
- दिनेश कुमार शर्मा (तत्कालीन अतिरिक्त प्रभार, केपाटन सहकारी समिति)
- कमलेश कुमार जैन (रिटायर्ड)
- घनश्याम बजाज (रिटायर्ड)
- ठेकेदार राजकुमार जैन (वर्धमान ट्रेडिंग कंपनी, देई)
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