Rajasthan News: राजधानी के चर्चित अमायरा सुसाइड केस के बाद जयपुर के प्रतिष्ठित नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता रद्द होने का मामला सोमवार को विधानसभा में पूरी प्रखरता से गूंजा। मालवीय नगर विधायक और पूर्व मंत्री कालीचरण सराफ ने शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। सराफ ने कहा कि एक आपराधिक कृत्य की सजा निर्दोष 5500 विद्यार्थियों को देना न्यायसंगत नहीं है।

विधायक कालीचरण सराफ ने सदन को बताया कि पिछले साल 1 नवंबर को छात्रा अमायरा ने आत्महत्या कर ली थी। जांच में स्पष्ट हुआ है कि सहपाठियों द्वारा अभद्र टिप्पणी किए जाने की शिकायत अमायरा ने अपनी क्लास टीचर से की थी, लेकिन टीचर ने इसे अनसुना कर दिया। इसी उपेक्षा से आहत होकर छात्रा ने आत्मघाती कदम उठाया। सराफ ने तर्क दिया कि इस मामले में स्कूल प्रशासन और संबंधित शिक्षिका के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और एफआईआर होनी चाहिए थी।
CBSE के फैसले को बताया बेतुका
सराफ ने सीबीएसई (CBSE) द्वारा स्कूल की मान्यता रद्द करने के निर्णय को बेतुका करार दिया। उन्होंने कहा कि किसी एक घटना या प्रशासनिक लापरवाही के कारण पूरे स्कूल की मान्यता खत्म कर देना हजारों बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। वर्तमान में स्कूल में पढ़ रहे 5500 विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की रातों की नींद उड़ी हुई है। वे अपने शैक्षणिक भविष्य को लेकर गहरे तनाव में हैं।
सरकार से हस्तक्षेप की अपील
विधायक ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह इस गंभीर मामले में तत्काल दखल दे। उन्होंने मांग की कि सरकार सीबीएसई प्रबंधन से वार्ता कर इस फैसले को वापस करवाए ताकि स्कूल की मान्यता बहाल हो सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि सजा दोषियों को मिलनी चाहिए, न कि उन हजारों छात्रों को जो वहां शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
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