Rajasthan News: राजस्थान सरकार के यूडीएच मंत्री झाबरसिंह खर्रा शुक्रवार को कोटा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने नगर निगम द्वारा लगाए गए शिविर का निरीक्षण किया और मीडिया से बातचीत की। चंबल रिवर फ्रंट को लेकर उन्होंने इसे अब तक एक सफेद हाथी बताया और कहा कि यह परियोजना अपेक्षित लाभ नहीं दे पाई है।

मंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि रिवर फ्रंट को कम से कम नो प्रॉफिट, नो लॉस की स्थिति में लाया जाए। इसके लिए आगामी बजट सत्र से पहले जनवरी में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
चंबल रिवर फ्रंट पर लगी दुनिया की सबसे बड़ी घंटी को लेकर खर्रा ने कहा कि इसके संचालन को लेकर कई विशेषज्ञों से बातचीत की गई है, लेकिन इसे चलाने वाले उपयुक्त एक्सपर्ट फिलहाल उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में घंटी के खुलने की संभावना कम ही दिखाई दे रही है।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि परियोजना में अपेक्षित मूलभूत सुविधाएं और हरियाली विकसित नहीं हो सकी हैं। अब सरकार इस पर मंथन कर रही है कि किस तरह रिवर फ्रंट के प्रति लोगों की रुचि बढ़ाई जाए और पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।
पूर्ववर्ती गहलोत सरकार पर निशाना साधते हुए, बिना नाम लिए मंत्री खर्रा ने कहा कि तत्कालीन सरकार ने लोकार्पण में जल्दबाजी की, जिससे परियोजना की खामियां सामने आईं। उनके अनुसार यही रिवर फ्रंट की मौजूदा स्थिति का मुख्य कारण है।
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