Rajasthan News: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके बंगले पर पर मुलाकात की। बंद कमरे में हुई यह मुलाकात एक घंटे से भी ज्यादा समय तक चली। इस बैठक के बाद से ही जयपुर से लेकर दिल्ली तक के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

एक तस्वीर और ब्यूरोक्रेसी में मचा हड़कंप
इस मुलाकात के बाद दिल्ली से एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने सबको चौंका दिया। अमूमन ऐसी मुलाकातों में गुलदस्ता भेंट करने या शॉल ओढ़ाने की तस्वीरें आती हैं। लेकिन इस बार मोदी और भजनलाल दोनों के हाथों में सरकारी फाइलों और दस्तावेज दिखाई दिया। इस तस्वीर के बाहर आते ही राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी और बड़े नेताओं के बीच सस्पेंस गहरा गया है।
जून के महीने में ही होगा बड़ा फेरबदल!
दिल्ली के सियासी पंडितों की मानें तो इस मैराथन बैठक का सीधा असर राजस्थान सरकार की कैबिनेट पर पड़ने वाला है। इसी महीने यानी जून 2026 में ही राजस्थान सरकार के मंत्रिमंडल में एक बड़ा फेरबदल और विस्तार होने के साफ संकेत मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद पिछले तीन महीनों में भजनलाल शर्मा की पीएम मोदी और केंद्रीय नेताओं के साथ यह तीसरी बड़ी बैठक थी। इससे साफ है कि आलाकमान अब राजस्थान को लेकर बड़े फैसले लेने के मूड में है।
खाली पड़ी हैं 6 मंत्रियों की कुर्सियां
राजस्थान की मौजूदा सरकार में इस समय मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम को मिलाकर कुल 24 मंत्री काम कर रहे हैं। नियम के मुताबिक राजस्थान में अधिकतम 30 मंत्री बनाए जा सकते हैं। बता दें कि कैबिनेट में अभी भी पूरे 6 पद खाली हैं।
बता दें कि आने वाले समय में राज्य में पंचायत और निकाय चुनाव होने वाले हैं। इसमें जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की बड़ी चुनौती है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि इस बार 4 से 6 नए चेहरों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है। इतना ही नहीं खबर यह भी आ रही है कि खराब परफॉर्मेंस वाले कुछ पुराने मंत्रियों की छुट्टी भी की जा सकती है।
पढ़ें ये खबरें
- दिव्यांग की फरियाद सुनने मंच से नीचे उतर आए डिप्टी CM अरुण साव, मौके पर दिलाई ट्राई साइकिल, VIDEO वायरल
- नजर हटी दुर्घटना घटी! गंगा नदी में समाई तेज रफ्तार कार, 3 लोगों की मौत
- जन्मदिन विशेष : युवा सोच, मजबूत इरादे और कुशल नेतृत्व वाले ओपी चौधरी
- रील के चक्कर में वर्दी की गरिमा भूलीं महिला जवान, जांच शुरू, अनुशासनहीनता पर विभाग हुआ सख्त
- जिंदा बुजुर्ग को पोर्टल ने बताया मृत, संबल योजना का लाभ अटका, छह महीने से दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद कलेक्टर से लगाई गुहार
