Rajasthan News: राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से आज सुबह एक ऐसी खबर आई जिसने शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। घाटोल के अमरथून गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार सुबह पढ़ाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया।

सुबह करीब 9:15 बजे, जब 11वीं साइंस की छात्राएं अपनी क्लास में पढ़ाई कर रही थीं, तभी अचानक छत का भारी-भरकम प्लास्टर भरभराकर नीचे गिर पड़ा। धमाके की आवाज सुनते ही पूरे स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया और बच्चियों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी।

मलबा गिरते ही क्लासरूम में मची चीख-पुकार

प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्लास्टर का मलबा सीधे छात्राओं की टेबल पर जाकर गिरा। इस हादसे में पूजा, काली कुमारी और शारदा कुमारी समेत कुल 4 छात्राएं घायल हो गई हैं। मौके पर मौजूद शिक्षकों ने बताया कि मंजर काफी डरावना था, गनीमत यह रही कि प्लास्टर का कोई नुकीला या बहुत भारी टुकड़ा सीधे छात्राओं के सिर पर नहीं लगा, वरना मौके पर ही किसी की जान जा सकती थी। घायलों को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया है।

मौके पर पहुंचे बड़े अधिकारी, दिए नए लैब के निर्देश

हादसे की सूचना मिलते ही बांसवाड़ा प्रशासन में खलबली मच गई। संस्था प्रधान अरुण व्यास की सूचना पर एसडीएम मनसुख डामोर, डीईओ जयदीप पुरोहित और मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी पवन कुमार रावल आनन-फानन में स्कूल पहुंचे। अधिकारियों ने जर्जर भवन का मुआयना किया और हालात की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने अब जाकर नए क्लासरूम और लैब के लिए प्रस्ताव तैयार करने की बात कही है।

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

जैसे ही हादसे की खबर गांव में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूल गेट पर जमा हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी। स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि स्कूल का भवन लंबे समय से जर्जर था। ग्रामीणों ने बताया, हमने कई बार प्रशासन को ज्ञापन दिया, अफसरों को जर्जर छत दिखाई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। आज हमारी बच्चियों की जान जाते-जाते बची है। अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन हमेशा किसी बड़े हादसे के इंतजार में ही बैठा रहता है?

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