Rajasthan Civic Polls: राजस्थान में 309 नगरीय निकायों के 10,245 वार्डों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। गुरुवार को पहले दिन 967 उम्मीदवारों ने कुल 1,144 नामांकन पत्र दाखिल किए। अब 29 और 31 अगस्त को ही नामांकन होंगे, क्योंकि 28 अगस्त को रक्षाबंधन और 30 अगस्त को रविवार का अवकाश है। राज्य निर्वाचन आयोग ने 31 अगस्त को नामांकन की अंतिम तारीख तय की है। नामांकन का समय सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक है।

राजनीतिक दलों की ओर से टिकटों पर मंथन जारी रहने के कारण पहले दिन नामांकन केंद्रों पर ज्यादा भीड़ नहीं दिखी। माना जा रहा है कि पार्टियों की उम्मीदवार सूची सामने आने के बाद अंतिम दो दिनों में नामांकन का आंकड़ा तेजी से बढ़ सकता है। जयपुर नगर निगम में पहले दिन 150 में से सिर्फ 9 वार्डों से नामांकन आया। यहां 11 उम्मीदवारों ने 13 पर्चे दाखिल किए, जबकि 141 वार्डों में कोई नामांकन नहीं हुआ।

जयपुर में 9 वार्डों से ही आए नामांकन

जयपुर नगर निगम चुनाव के लिए गुरुवार को 15 नामांकन केंद्र बनाए गए थे। पहले दिन ज्यादातर केंद्रों पर सन्नाटा रहा। न ढोल-नगाड़े दिखे और न ही समर्थकों के साथ बड़े जुलूस नजर आए। कुल 11 उम्मीदवारों ने 13 नामांकन दाखिल किए। इनमें 8 उम्मीदवारों ने निर्दलीय और 4 ने कांग्रेस के नाम से दावेदारी पेश की। हालांकि, राजनीतिक दलों के अधिकृत चुनाव चिह्न अभी जारी नहीं हुए हैं। इसलिए पार्टी प्रत्याशियों की अंतिम स्थिति सिंबल आवंटन के बाद ही स्पष्ट होगी। वार्ड 12, 14, 16, 25, 31, 40, 50, 99 और 148 से नामांकन दाखिल हुए। वार्ड 31, 50 और 99 में एक से अधिक नामांकन आए। बाकी 141 वार्डों में पहले दिन कोई पर्चा नहीं भरा गया।

29 और 31 अगस्त को ही दाखिल होंगे पर्चे

नामांकन प्रक्रिया 27 अगस्त से शुरू हुई है और 31 अगस्त अंतिम तारीख है। लेकिन बीच में रक्षाबंधन और रविवार का अवकाश होने के कारण अब 29 और 31 अगस्त को ही उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर सकेंगे। दोनों दिन नामांकन का समय सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक रहेगा। राजनीतिक दलों की सूची जारी होने के बाद नामांकन केंद्रों पर भीड़ बढ़ने की संभावना है।

कहीं सास-बहू ने भरा पर्चा, कहीं मंत्री पुत्र ने मांगा टिकट

नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में स्थानीय राजनीति भी गरमा गई है। भरतपुर में पूर्व मेयर शिव सिंह भोंट की पत्नी विचित्रा सिंह और बहू रुद्राणी सिंह ने निर्दलीय नामांकन दाखिल किया। पूर्व मेयर शिव सिंह भोंट ने भी दूसरे वार्ड से निर्दलीय पर्चा भरा है। उदयपुर में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट ने नामांकन दाखिल किया। दौसा जिले की लालसोट नगर परिषद से थर्ड जेंडर मीनू किन्नर ने भी पर्चा भरकर चुनावी मैदान में दावेदारी पेश की। कोटा में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटे दीपक दिलावर ने भाजपा टिकट के लिए आवेदन किया है। हालांकि, मदन दिलावर ने बयान जारी कर कहा कि उनके दोनों बेटे कहीं से भी चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।

टिकट की सूची के बाद बढ़ेगा नामांकन

पहले दिन बड़ी संख्या में दावेदारों ने नामांकन नहीं भरा। इसकी एक बड़ी वजह भाजपा और कांग्रेस समेत प्रमुख राजनीतिक दलों की ओर से उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं होना है। टिकट की तस्वीर साफ होने के बाद बचे हुए दो दिनों में नामांकन केंद्रों पर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। ऐसे में 31 अगस्त नामांकन का सबसे अहम दिन माना जा रहा है। टिकट से वंचित दावेदारों के निर्दलीय मैदान में उतरने से कई वार्डों में मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है।

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