Rajasthan Nikay Chunav 2026: राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया के बीच बारां के अटरू में मतदाता सूची को लेकर विवाद सामने आया है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटे पवन दिलावर और बहू हेमलता दिलावर ने अटरू नगर पालिका के वार्ड नंबर 21 की मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया था। प्रशासनिक जांच के बाद दोनों आवेदन खारिज कर दिए गए। जांच में अटरू में उनके वर्तमान या पूर्व सामान्य निवास की पुष्टि नहीं हुई और संबंधित पते का दस्तावेजी प्रमाण भी नहीं मिला।

एक ही पते पर दिया था आवेदन

पवन दिलावर और हेमलता दिलावर ने 21 अगस्त को वार्ड-21 की भाग संख्या-1 में नाम शामिल करने के लिए प्रारूप-3 में आवेदन किया था। दोनों ने मकान नंबर 10, बस स्टैंड के पास, अटरू का पता दिया था। बीएलओ और प्रगणक की ओर से नाम जोड़ने की अनुशंसा के बाद आवेदन एसडीएम कार्यालय भेजे गए। जांच के दौरान प्रशासन के सामने कई सवाल आए। दोनों आवेदनों में हस्ताक्षर की जगह अंगूठे की निशानी लगी थी। यह भी स्पष्ट नहीं था कि अंगूठे की निशानी किसकी है। इसके अलावा अटरू में निवास का कोई दस्तावेजी प्रमाण आवेदन के साथ नहीं लगाया गया था।

आधार में कोटा का पता, अटरू में निवास का दावा

प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार पवन और हेमलता के आधार कार्ड में रंगबाड़ी, कोटा का पता दर्ज है। वहीं मतदाता सूची में नाम जोड़ने के आवेदन में अटरू का पता दिया गया था। राज्य निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत मतदाता के लिए संबंधित क्षेत्र में निर्धारित अवधि तक सामान्य निवास की शर्त पूरी करना जरूरी है। इसी आधार पर एसडीएम अंजना सहरावत ने दोनों आवेदनों की वास्तविक निवास को लेकर जांच के निर्देश दिए। 21 अगस्त को इसके लिए जांच कमेटी बनाई गई। इसमें तहसीलदार, नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी, भू-अभिलेख निरीक्षक, पटवारी, सुपरवाइजर और वार्ड के प्रगणक को शामिल किया गया।

पड़ोसियों से पूछताछ में नहीं हुई निवास की पुष्टि

जांच कमेटी ने 24 अगस्त को मकान नंबर 10 और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। टीम ने पड़ोसी दुकानदारों और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, पवन और हेमलता के वहां वर्तमान में रहने की पुष्टि नहीं हुई। रिपोर्ट में उनके पहले भी उस स्थान पर रहने की पुष्टि नहीं होने की बात दर्ज की गई। कमेटी को वार्ड-21 में उनके सामान्य निवास का दस्तावेजी साक्ष्य भी नहीं मिला। इसके बाद निर्वाचन पंजीयन अधिकारी और एसडीएम ने दोनों नामों को मतदाता सूची में शामिल करने के आवेदन अस्वीकार कर दिए।

अध्यक्ष पद SC के लिए आरक्षित

यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि अटरू को पहली बार नगर पालिका का दर्जा मिला है और यहां पहली बार नगर निकाय चुनाव होने जा रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा थी कि पवन दिलावर चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। उनके चाचा कृष्ण मुरारी के चुनाव लड़ने की भी चर्चा है। हालांकि पवन दिलावर ने चुनाव लड़ने से साफ इनकार किया है।

पवन दिलावर बोले- चुनाव लड़ने के लिए नहीं किया आवेदन

पवन दिलावर ने कहा कि उन्होंने और उनकी पत्नी ने ऑनलाइन आवेदन किया था और उन्होंने हस्ताक्षर किए हैं। उनके मुताबिक मौके पर उनकी ताईजी मिली थीं और उन्होंने तस्दीक के लिए अंगूठा लगाया था। पवन ने कहा कि उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए मतदाता सूची में नाम जोड़ने का आवेदन नहीं किया था। अब वह कोई नाम नहीं जुड़वाना चाहते। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि कार्यकर्ता और समर्थक चाहते हैं कि उनका अटरू से संपर्क बना रहे।

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