Rajasthan Nikay Chunav 2026: राजस्थान निकाय चुनाव 2026 की सरगर्मी के बीच भीलवाड़ा में भारतीय जनता पार्टी के अंदर टिकट वितरण को लेकर विरोध तेज हो गया है। पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी सूची जारी होने से पहले ही करीब 70 बीजेपी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया। कार्यकर्ताओं ने टिकट वितरण में कथित मनमानी और वर्षों से संगठन के लिए काम करने वाले जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप लगाया है।

कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी के लिए लंबे समय से सक्रिय लोगों को दरकिनार कर ऐसे दावेदारों को टिकट देने की तैयारी है, जिनका संगठन और बूथ स्तर पर खास योगदान नहीं रहा है। इसको लेकर पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ता जा रहा है।

जिसने बूथ नहीं देखा, उसे टिकट क्यों?

वार्ड 20 के शक्ति केंद्र अध्यक्ष एवं संयोजक धनपत सिंह चंडालिया ने टिकट वितरण प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उनके वार्ड में जिस व्यक्ति का नाम प्रत्याशी के तौर पर सामने आ रहा है, उसने कभी बूथ स्तर पर काम नहीं किया। चंडालिया के मुताबिक, लगातार पार्टी के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं की जगह ऐसे लोगों को टिकट दिया जाता है तो नाराजगी होना स्वाभाविक है।

चंडालिया ने दावा किया कि संबंधित दावेदार ने उन्हें फोन कर बताया कि पार्टी कार्यालय से उसे टिकट के लिए बुलाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आधिकारिक सूची जारी होने से पहले ही कुछ नामों पर निर्णय किए जा रहे हैं। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से मांग की कि प्रत्याशी चयन से पहले दावेदारों के संगठनात्मक योगदान और जमीनी पकड़ की पूरी जानकारी ली जाए।

20 साल पुराने कार्यकर्ता ने भी दिया इस्तीफा

टिकट वितरण को लेकर नाराजगी का असर पुराने कार्यकर्ताओं पर भी दिख रहा है। करीब 20 वर्षों से बीजेपी के लिए काम कर रहे एक सक्रिय कार्यकर्ता ने प्रताप मंडल अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उनका आरोप है कि जिन लोगों को पार्टी के जिला कार्यालय तक का पता नहीं है, उन्हें सीधे फोन कर टिकट देने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी के मुश्किल दौर में साथ खड़े रहने वाले पुराने कार्यकर्ताओं को टिकट की दौड़ में पीछे किया जा रहा है। इससे संगठन के भीतर नाराजगी लगातार बढ़ रही है।

पहले भी सामने आया था विरोध

भीलवाड़ा बीजेपी में टिकट वितरण को लेकर विरोध पहले भी सामने आ चुका है। अधिकृत सूची जारी होने से पहले महिला नेताओं ने जिला बीजेपी कार्यालय के बाहर धरना देकर नाराजगी जताई थी। पूर्व पार्षद रेखा पुरी सहित कई महिला पदाधिकारियों ने पार्टी नेताओं पर चहेतों को टिकट देने और समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया था।

वहीं, टिकट नहीं मिलने से नाराज पूर्व पार्षद रमेश सिंधी और उनके पुत्र नवीन सिंधी बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। अब करीब 70 कार्यकर्ताओं के सामूहिक इस्तीफे ने निकाय चुनाव से पहले पार्टी के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। हालांकि, बीजेपी की ओर से प्रत्याशियों की अंतिम सूची और टिकट वितरण को लेकर आधिकारिक स्थिति अभी स्पष्ट नहीं की गई है।

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