Rajasthan Nikay Chunav 2026: राजस्थान में निकाय चुनाव के लिए कांग्रेस के टिकट बंटवारे के बाद पार्टी के भीतर ही सवाल उठने लगे हैं। 309 नगर निकायों के 10 हजार से ज्यादा वार्डों में प्रत्याशी चयन के लिए कांग्रेस ने करीब एक महीने तक रायशुमारी कराई थी। पर्यवेक्षक लगाए गए, जिला स्तर पर पैनल तैयार हुए और नेताओं-कार्यकर्ताओं से राय ली गई। अब टिकट घोषित होने के बाद आरोप लग रहे हैं कि पूरी प्रक्रिया कई जगह विधायकों और बड़े नेताओं की पसंद के आगे बेअसर साबित हुई।

खासकर उन विधानसभा क्षेत्रों में सवाल ज्यादा उठ रहे हैं, जहां कांग्रेस के मौजूदा विधायक हैं। आरोप है कि यहां विधायकों के समर्थकों और पसंदीदा दावेदारों को टिकट में तवज्जो मिली। वहीं, विधानसभा चुनाव हार चुके कांग्रेस प्रत्याशियों के क्षेत्रों में भी वरिष्ठ नेताओं के प्रभाव के आरोप सामने आए हैं।
जिला कमेटियों से मांगे गए थे पैनल
निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस ने प्रत्याशी चयन के लिए लंबी प्रक्रिया अपनाई थी। जिला कमेटियों से संभावित उम्मीदवारों के पैनल मांगे गए। इसके बाद रायशुमारी कराई गई और पर्यवेक्षकों ने स्थानीय स्तर पर रिपोर्ट तैयार की।
पार्टी की ओर से कहा गया था कि स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की राय को महत्व देते हुए उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। लेकिन टिकट बंटने के बाद कई जगह कार्यकर्ताओं और नेताओं की नाराजगी सामने आई है।
विधायकों के समर्थकों को टिकट देने के आरोप
कांग्रेस के भीतर आरोप लगाए जा रहे हैं कि कई वार्डों में विधायकों के समर्थकों और उनकी पसंद के दावेदारों को टिकट मिला। कुछ जगहों पर यह भी आरोप है कि विधायकों ने अपने विधानसभा क्षेत्र से बाहर दूसरे क्षेत्रों में भी समर्थकों को टिकट दिलाने में भूमिका निभाई।
जयपुर में टिकट वितरण के बाद पार्टी के भीतर नाराजगी खास तौर पर सामने आई है। कई नेताओं ने टिकट चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
अर्चना शर्मा, गंगा देवी और आरआर तिवाड़ी की नाराजगी
जयपुर में मालवीय नगर से विधानसभा चुनाव लड़ चुकीं अर्चना शर्मा, बगरू से विधानसभा प्रत्याशी रहीं गंगा देवी और हवामहल से कांग्रेस प्रत्याशी रहे आरआर तिवाड़ी की नाराजगी खुलकर सामने आई।
आरआर तिवाड़ी ने आरोप लगाया कि उन्हें विधानसभा चुनाव में हराने वालों को निकाय चुनाव में टिकट दिया गया। उनके इस बयान के बाद टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस के भीतर चल रही नाराजगी और ज्यादा चर्चा में आ गई।
डोटासरा बोले, 100 फीसदी परफेक्ट प्रक्रिया संभव नहीं
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने टिकट वितरण में गड़बड़ी के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने माना कि टिकट नहीं मिलने के कारण कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।
डोटासरा का कहना है कि राजनीति में 100 प्रतिशत परफेक्ट पैमाना संभव नहीं है। किसी योग्य व्यक्ति का टिकट छूट जाता है तो उसका नाराज होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि पार्टी नाराज नेताओं से बातचीत करेगी और उन्हें मनाने की कोशिश की जाएगी। साथ ही उनका सम्मान बनाए रखने की बात भी कही।
डोटासरा के मुताबिक टिकट चयन में जिलाध्यक्षों के साथ मंडल, ब्लॉक और कोऑर्डिनेटर को भी शामिल किया गया था। पार्टी का दावा है कि 50 प्रतिशत से ज्यादा टिकट युवाओं को दिए गए हैं।
अब बागियों की चुनौती
टिकट वितरण के बाद कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती नाराज नेताओं और बागी उम्मीदवारों को संभालने की है। जयपुर समेत दूसरे जिलों में भी विरोध के मामले सामने आ रहे हैं। कहीं टिकट को लेकर कार्यकर्ता नाराज हैं तो कहीं टिकट नहीं मिलने वाले दावेदार चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
ऐसे में कांग्रेस के लिए अब सिर्फ उम्मीदवारों का चयन ही चुनौती नहीं है। पार्टी को नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी साथ रखना होगा। क्योंकि बागी उम्मीदवार कई वार्डों में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं।
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