राजस्थान में Rajasthan Nikay Chunav 2026 के लिए नामांकन दाखिल करने का आज, 31 अगस्त को आखिरी दिन है। दोपहर 3 बजे तक उम्मीदवार पर्चा दाखिल कर सकेंगे। टिकट वितरण में हुई देरी के कारण बीजेपी, कांग्रेस और दूसरे दलों के प्रत्याशी अंतिम दिन बड़ी संख्या में नामांकन दाखिल कर सकते हैं। अब तक प्रदेश में करीब 13 हजार उम्मीदवार 15,430 नामांकन पत्र दाखिल कर चुके हैं। सोमवार को यह संख्या 35 हजार से ज्यादा पहुंचने का अनुमान है।

टिकट वितरण को लेकर बीजेपी और कांग्रेस में अंतिम समय तक मंथन चलता रहा। कई जगह प्रत्याशियों को देर से टिकट मिलने की सूचना पहुंची। इसके चलते बड़ी संख्या में उम्मीदवार अंतिम दिन अपने समर्थकों के साथ रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय पहुंच रहे हैं। उम्मीदवारों से सीधे नामांकन पत्र भरवाने की प्रक्रिया चल रही है।
सिर्फ तीन दिन ही भर पाए पर्चे
राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया 27 अगस्त से शुरू हुई थी और 31 अगस्त तक चलनी है। हालांकि 28 और 30 अगस्त को अवकाश होने के कारण उम्मीदवारों को पर्चा दाखिल करने के लिए सिर्फ 27, 29 और 31 अगस्त का समय मिला। आज नामांकन का आखिरी मौका है। दोपहर 3 बजे के बाद नामांकन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
9 और 11 सितंबर को होगी वोटिंग
राजस्थान में नगर निकाय चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण के लिए 9 सितंबर और दूसरे चरण के लिए 11 सितंबर को मतदान होगा। मतगणना 14 सितंबर को होगी। चुनाव की अधिसूचना 27 अगस्त को जारी की गई थी।
309 निकायों में चुनी जाएगी स्थानीय सरकार
नगर निकाय चुनाव के जरिए राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में नई स्थानीय सरकार चुनी जाएगी। निकाय चुनाव के बाद पंचायत चुनाव कराने की तैयारी है। ऐसे में इन चुनावों को स्थानीय स्तर पर बड़े राजनीतिक शक्ति-परीक्षण के तौर पर देखा जा रहा है। इस चुनाव में कुल 1 करोड़ 44 लाख 3 हजार 853 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
पढ़ें ये खबरें
- निकाय चुनाव से पहले नागौर में SP पद पर घमासान, हाईकोर्ट पहुंची बेनीवाल की RLP
- ‘कॉकरोच’ का मार्च रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका, CJI सूर्यकांत ने रोक लगाने से इनकार किया
- भिवानी में युवाओं के लिए बड़ी सौगात! महात्मा ज्योतिबा फुले के नाम से खुलेगा फ्री कोचिंग सेंटर, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी होगी आसान
- Palamu River Accident: बटाने नदी में डूबे तीन दोस्तों की मौत, तीसरे युवक का शव भी बरामद
- TET का मामला फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, 2005-09 के शिक्षकों को राहत की मांग


