Rajasthan Nikay Chunav 2026 के बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने गठबंधन का ऐलान किया है। रविवार रात जयपुर के हवामहल विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 146 में AIMIM प्रत्याशी फिरोज बानो के समर्थन में हुई जनसभा में दोनों नेता एक मंच पर पहुंचे। ओवैसी और बेनीवाल ने कहा कि यह गठबंधन केवल नगर निकाय चुनाव तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले विधानसभा और अन्य चुनावों में भी दोनों दल साथ मिलकर भाजपा और कांग्रेस का मुकाबला करेंगे।

ओवैसी बोले, वोट से तैयार करें अपनी लीडरशिप
जनसभा में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि AIMIM ने राजस्थान विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन परिणाम पार्टी के पक्ष में नहीं आए। इसके बावजूद उन्होंने राजस्थान में सक्रिय रहने का वादा किया था।
ओवैसी ने मतदाताओं से अपनी राजनीतिक लीडरशिप तैयार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब तक लोग अपने वोट से अपनी राजनीतिक ताकत तैयार नहीं करेंगे, तब तक उनकी आवाज सत्ता के गलियारों में मजबूती से नहीं सुनी जाएगी। उनके मुताबिक राजनीतिक हिस्सेदारी के बिना समाज के सपने पूरे नहीं हो सकते।
ओवैसी ने अपने पिता सुल्तान सलाहुद्दीन का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने 1960 में पार्षद का चुनाव जीता था। इसके बाद पार्टी को लगातार मजबूत किया गया और मजलिस का विस्तार हुआ। उन्होंने लोगों से RLP प्रत्याशियों के समर्थन की भी अपील की।
कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति का आरोप
ओवैसी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने लंबे समय तक राजस्थान में शासन किया, लेकिन मुसलमानों को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया और उनके मुद्दों का समाधान नहीं किया।
उन्होंने भाजपा और कांग्रेस दोनों की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब सरकारों के पास विकास और रोजगार जैसे मुद्दों पर बताने के लिए कुछ नहीं होता, तब हिंदू-मुस्लिम के बीच तनाव पैदा करने की राजनीति की जाती है।
शिक्षा और महिला सुरक्षा पर भजनलाल सरकार को घेरा
ओवैसी ने राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने CAG रिपोर्ट का हवाला देते हुए स्कूलों की स्थिति पर सवाल उठाए।
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में हजारों स्कूल जर्जर हैं और उनकी मरम्मत नहीं हो रही है। बच्चियों के स्कूलों में टॉयलेट की व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। महिला अपराध को लेकर NCRB के आंकड़ों का हवाला देते हुए ओवैसी ने राजस्थान में रेप की घटनाओं पर चिंता जताई।
ओवैसी ने राजस्थान के सीमावर्ती जिलों जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर में मस्जिदों और दरगाहों पर कार्रवाई का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक स्थलों को 50 किलोमीटर के दायरे का हवाला देकर तोड़ा गया।
विधानसभा चुनाव को लेकर भी दिया संकेत
ओवैसी ने कहा कि आने वाले समय में AIMIM और RLP साथ मिलकर चुनाव लड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों दल संविधान के दायरे में रहकर सभी वर्गों के अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगे।
उनके मुताबिक यह गठबंधन केवल एक समुदाय तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ने का प्रयास किया जाएगा।
बेनीवाल बोले, राजस्थान में तीसरी ताकत का विकल्प
RLP प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने ओवैसी के साथ गठबंधन को राजस्थान की राजनीति में नई शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि किसान, नौजवान, मुस्लिम और अन्य वंचित वर्गों के मुद्दों को मजबूती से उठाने की जरूरत है।
बेनीवाल ने कहा कि राजस्थान में लंबे समय से भाजपा और कांग्रेस के बीच सत्ता बदलती रही है। अब जनता के सामने तीसरी ताकत का विकल्प खड़ा किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जाट और मुस्लिम पहले भी राजनीतिक रूप से साथ रहे हैं और आगे भी साथ रहेंगे। उनके मुताबिक यह गठबंधन किसानों, युवाओं और आम लोगों के मुद्दों को आगे लेकर चलेगा।
पेपर लीक और अग्निवीर का मुद्दा उठाया
बेनीवाल ने कहा कि उन्होंने पेपर लीक, किसान आंदोलन और अग्निवीर जैसे मुद्दों पर लगातार संघर्ष किया है। उन्होंने थानेदार भर्ती को लेकर भी दावा किया कि 800 थानेदारों की भर्ती में 600 थानेदार फर्जी थे। उनके मुताबिक इस मामले में 127 दिनों तक शहीद स्मारक पर धरना दिया गया और भर्ती निरस्त करवाई गई।
बेनीवाल ने दावा किया कि अगर मुस्लिम, जाट और एससी-एसटी एकजुट हो गए तो भाजपा और कांग्रेस को बड़ा नुकसान होगा। उन्होंने दोनों दलों के 40 सीटों तक सिमटने का दावा भी किया।
2018 में RLP बनाने का जिक्र
बेनीवाल ने कहा कि उन्होंने 2018 में तीसरे विकल्प के तौर पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का गठन किया था। उस चुनाव में पार्टी को तीन सीटें मिली थीं। उन्होंने कहा कि 2023 में पार्टी को केवल एक सीट मिली, क्योंकि उनके समाज के लोग अलग-अलग दिशाओं में चले गए थे। बेनीवाल ने लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए दावा किया कि मुस्लिम समाज ने उन्हें करीब 90 प्रतिशत एकतरफा वोट दिया और वह चुनाव जीत गए।
जयपुर से नई राजनीति की शुरुआत का दावा
बेनीवाल ने कहा कि नगर निकाय चुनाव के नतीजों से भले ही सरकार पर बड़ा असर न पड़े, लेकिन जयपुर की धरती से ओवैसी और बेनीवाल ने नई राजनीति की शुरुआत कर दी है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश और दूसरे राज्यों में भी क्षेत्रीय दलों को साथ लेकर चुनाव लड़ने की कोशिश की जाएगी।
बेनीवाल ने सीमावर्ती इलाकों में धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि जब वहां कार्रवाई हो रही थी, तब भाजपा और कांग्रेस का कोई नेता नहीं पहुंचा, जबकि वह 500 गाड़ियों के काफिले के साथ वहां गए थे।
उन्होंने कांग्रेस पर वक्फ संशोधन कानून को लेकर भी निशाना साधा। बेनीवाल ने दावा किया कि संसद में जब मोदी सरकार नया वक्फ संशोधन कानून लेकर आई, तब राजस्थान के कांग्रेस सांसदों में से किसी ने इसके खिलाफ आवाज नहीं उठाई और वह अकेले इसके विरोध में खड़े हुए।
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