Rajasthan Nikay Chunav: राजस्थान में आगामी निकाय चुनावों को लेकर कांग्रेस ने टिकट वितरण की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने टिकट के इच्छुक नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए ऑनलाइन आवेदन व्यवस्था शुरू की है। अब चुनाव लड़ने के इच्छुक सभी दावेदारों को ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा। खास बात यह है कि टिकट चयन प्रक्रिया में सोशल मीडिया को भी शामिल किया गया है। दावेदारों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट, सक्रियता और फॉलोअर्स से जुड़ी जानकारी भी आवेदन में देनी होगी।

QR कोड स्कैन करते ही खुलेगा ऑनलाइन पोर्टल

राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मंगलवार, 18 अगस्त को टिकट दावेदारी के लिए QR कोड जारी किया। इस QR कोड को स्कैन करने के बाद ऑनलाइन आवेदन पोर्टल खुलेगा। यहीं से टिकट के इच्छुक नेता और कार्यकर्ता अपनी दावेदारी के लिए आवेदन कर सकेंगे।

कांग्रेस इस व्यवस्था को टिकट वितरण में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है। नई प्रक्रिया के तहत दावेदार निर्धारित ऑनलाइन व्यवस्था के जरिए अपनी जानकारी पार्टी के सामने रखेंगे।

आवेदन फॉर्म में 6 चरणों में देनी होगी जानकारी

ऑनलाइन आवेदन में दावेदारों को कुल छह चरणों में जानकारी देनी होगी। इसमें संबंधित स्थानीय निकाय का नाम और वार्ड संख्या के साथ व्यक्तिगत विवरण भी मांगा जाएगा।

इसके अलावा दावेदारों को अपनी राजनीतिक पृष्ठभूमि, सामाजिक गतिविधियों, जनसंपर्क और संगठनात्मक अनुभव से जुड़ी जानकारी देनी होगी। आवेदन में संबंधित वार्ड की प्रोफाइल का विवरण भी दर्ज करना होगा।

सोशल मीडिया की भी होगी जानकारी

कांग्रेस ने इस बार सोशल मीडिया को भी टिकट चयन प्रक्रिया का हिस्सा बनाया है। दावेदारों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स, उनकी सक्रियता और फॉलोअर्स से संबंधित जानकारी आवेदन में दर्ज करनी होगी।

पार्टी का मानना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से स्थानीय स्तर पर सक्रिय और जनाधार रखने वाले कार्यकर्ताओं की पहचान करने में मदद मिलेगी।

समान मापदंड पर होगा दावेदारों का मूल्यांकन

डोटासरा ने कहा कि ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया से टिकट वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही सभी दावेदारों का मूल्यांकन एक समान मापदंडों के आधार पर किया जा सकेगा।

इस व्यवस्था के जरिए कांग्रेस स्थानीय निकाय चुनावों में टिकट के इच्छुक नेताओं और कार्यकर्ताओं की राजनीतिक, सामाजिक और संगठनात्मक सक्रियता से जुड़ी जानकारी एक जगह जुटा सकेगी।

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