कुंदन कुमार, पटना। शहर स्थित जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रदेश कार्यालय में उस वक्त अचानक अफरा-तफरी मच गई, जब जनता दरबार के दौरान एक मामला सामने आया। पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं मंत्री विजय चौधरी के सामने अपराजिता शर्मा नामक एक युवती पहुंची और सीधे तौर पर जदयू प्रवक्ता नवल शर्मा पर उनकी पुश्तैनी जमीन और पूरी संपत्ति हड़पने का गंभीर आरोप लगाया। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से मौके पर मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया।
विधवा मां की संपत्ति पर जालसाजी से कब्जे का आरोप
पीड़िता अपराजिता शर्मा ने मंत्री विजय चौधरी के समक्ष रोते हुए अपनी शिकायत दर्ज कराई कि आरोपी जदयू प्रवक्ता नवल शर्मा रिश्ते में उनके चाचा लगते हैं। युवती का कहना है कि उनके पिता इस दुनिया में नहीं हैं और उनकी विधवा मां के नाम पर जितनी भी संपत्ति थी, उस पर चाचा नवल शर्मा ने सुनियोजित तरीके से जालसाजी कर कब्जा कर लिया है। पीड़िता का आरोप है कि जदयू प्रवक्ता होने के रसूख और राजनीतिक धौंस का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने पारिवारिक हक की पूरी संपत्ति को अवैध तरीके से अपने नाम करवा लिया है, जिससे उनका परिवार पूरी तरह सड़क पर आ गया है।
मंत्री विजय चौधरी का आश्वासन और पार्टी का रुख
युवती की तमाम बातें सुनने और आवेदन देखने के बाद मंत्री विजय चौधरी ने पूरे प्रकरण पर गंभीर रुख अपनाया है। उन्होंने पीड़िता को आश्वस्त किया है कि इस पूरे मामले की निष्पक्षता के साथ गहराई से जांच कराई जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। बहरहाल, इस हाई-प्रोफाइल विवाद के सामने आने के बाद अब सियासी गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि सत्तारूढ़ दल जदयू के शीर्ष नेतृत्व और बड़े नेता अपनी ही पार्टी के प्रवक्ता पर लगे इन गंभीर आरोपों के बाद क्या और किस प्रकार की कार्रवाई अमल में लाते हैं।



