जयपुर। राजस्थान में पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों में हो रही देरी को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य निर्वाचन आयोग, पंचायती राज विभाग और स्थानीय निकाय विभाग को 20 जुलाई को चुनाव कार्यक्रम (शेड्यूल) के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
गुरुवार को लगातार दूसरे दिन हुई सुनवाई में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने चुनाव प्रक्रिया में देरी को लेकर राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। इससे पहले बुधवार को भी अदालत ने पंचायत और निकाय चुनावों में देरी को लेकर सरकार और निर्वाचन आयोग को कड़ी फटकार लगाई थी।
चुनाव के लिए 90 दिन मांगने पर हाईकोर्ट ने उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) राजेश्वर सिंह से पूछा कि चुनाव कराने के लिए 90 दिन का अतिरिक्त समय मांगने वाला पत्र किस आधार पर लिखा गया था।
इस पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने अदालत को बताया कि यह पत्र राज्य सरकार के आग्रह पर लिखा गया था। उन्होंने कहा कि चुनाव समय पर कराने को लेकर निर्वाचन आयोग की ओर से कई बार सरकार को पत्र भेजे गए थे।
इस दौरान अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि, “आपके खिलाफ अवमानना याचिका लंबित है, उस पर कार्रवाई शुरू करवाएं।” कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि जब चुनाव कराने की समय सीमा पहले से तय थी, तो फिर चुनाव कार्यक्रम जारी करने के बजाय अतिरिक्त समय मांगने की जरूरत क्यों पड़ी।
ओबीसी आयोग की रिपोर्ट 7 दिन में पेश करने के निर्देश
हाईकोर्ट ने राजस्थान राज्य ओबीसी आयोग की रिपोर्ट को लेकर भी सख्ती दिखाई है। अदालत ने आयोग को रिपोर्ट सात दिन के भीतर पेश करने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने साफ कहा कि रिपोर्ट के लिए 14 अगस्त तक का समय नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग और सरकार को निर्देश दिए गए हैं कि वे 20 जुलाई को चुनाव कराने की प्रस्तावित तारीखों के साथ अदालत में उपस्थित हों।
लगातार दूसरे दिन सरकार और आयोग पर कोर्ट की सख्ती
इस मामले में बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान भी हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग को कड़ी फटकार लगाई थी। अदालत ने कहा था कि उसके पहले दिए गए आदेशों का पालन नहीं होना गंभीर विषय है।
इसी मामले में विधायक संयम लोढ़ा की ओर से दायर अवमानना याचिका भी हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
सरकार ने मांगा था 90 दिन का अतिरिक्त समय
राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में दायर प्रार्थना पत्र में कहा था कि पंचायत और निकाय चुनावों में ओबीसी राजनीतिक आरक्षण लागू करने के लिए ‘ट्रिपल टेस्ट’ की प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है।
सरकार के अनुसार राजस्थान राज्य ओबीसी आयोग 14 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगा और इसके बाद 31 अगस्त तक आरक्षण से जुड़ी अंतिम प्रक्रिया पूरी हो सकेगी।
सरकार ने इसके बाद पंचायत चुनाव चार चरणों और निकाय चुनाव दो चरणों में कराने के लिए लगभग 90 दिन का समय मांगा था। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस देरी पर सवाल उठाते हुए अब चुनाव कार्यक्रम जल्द पेश करने के निर्देश दिए हैं।
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