Rajasthan Politics: राजस्थान की सियासत में एक बार फिर उबाल आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मौजूदा भजनलाल सरकार पर वार किया हैं। उन्होंने कहा कि ये सरकार पूरी तरह फेल है। इसे अब सत्ता में रहने का कोई हक नहीं बचा है।

कांग्रेस में गुटबाजी? गहलोत ने दिया ये जवाब

सोशल मीडिया X पर बात करते हुए गहलोत ने उन चर्चाओं को खारिज किया, जिनमें कांग्रेस में गुटबाजी की बात कही जाती है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है, सब एकजुट हैं। इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे दूसरों की पार्टी पर टिप्पणी करने के बजाय अपने गिरेबान में झांकें।

पंचायत चुनाव पर खड़ा किया बड़ा सवाल

गहलोत ने पंचायत और निकाय चुनाव नहीं कराने को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार इन चुनावों से बुरी तरह डरी हुई है। उन्हें पता है कि अगर चुनाव हुए तो जनता उन्हें साफ कर देगी। उन्होंने कहा प्रदेश में कोर्ट के आदेशों की अनदेखी की जा रही है। संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। राज्यपाल को तुरंत रिपोर्ट भेजकर ऐसी सरकार को बर्खास्त करना चाहिए।

गहलोत ने याद दिलाया कि 1998 में जब उनकी सरकार थी, तब कर्मचारी हड़ताल पर थे। फिर भी उन्होंने चुनाव कराए क्योंकि कानून सर्वोपरि है। आज के हालात देख लीजिए, सरकार कोर्ट की बात तक नहीं मान रही है।

सीएम भजनलाल को नहीं लेना चाहिए गंभीरता से?

अशोक गहलोत यहीं नहीं रुके। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर भी तंज कसा। गहलोत ने कहा कि उन्हें ज्यादा गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने तो यहाँ तक कह दिया कि खुद बीजेपी के लोग और उनके मंत्री ही सीएम की कार्यशैली से परेशान हैं।

सूत्रों की मानें तो गहलोत ने तल्ख लहजे में कहा कि कुछ मंत्री थानों में जाकर अधिकारियों और कलेक्टरों को धमकाते हैं। किरोड़ी लाल मीणा के बयानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब सरकार में बैठे लोग ही अपनी एसीबी पर सवाल उठा रहे हों, तो सीएम की काबिलियत पर क्या ही बात की जाए। अंत में गहलोत ने सलाह दी कि सीएम साहब को मीडिया से भागना छोड़कर बात करनी चाहिए। जमीनी हकीकत का पता चलेगा तो शायद राज्य का कुछ भला हो सके।

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