Rajasthan Politics: राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने साफ कहा है कि विधायक निधि फंड में गड़बड़ी करने के मामले बर्दाश्त नहीं किया जा सकते। उन्होंने कहा कि सरकार को भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की जांच करवानी चाहिए उन्होंने कहा कि इस मामले में कांग्रेस विधायक अनीता जाटव को प्रदेश कांग्रेस की ओर से नोटिस भेजा गया है और इस नोटिस का जवाब तीन दिन में देने को कहा गया है।

उन्होंने ये भी कहा कि प्रदेश कांग्रेस अपने स्तर पर इस पूरे मामले की जांच करेगी और इस मामले की संपूर्ण जानकारी और जांच पार्टी हाई कमान को भी भेजी जाएगी। उन्होंने कहा जो एलिगेशन विधायक पर लगे है अगर वह सही साबित हुए तो फिर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी। डोटासरा ने बातचीत के दौरान प्रदेश की भजन लाल सरकार पर तंज कसा और कहा कि जब बढ़ ही खेत को खाने लग जाए तो फिर खेत की रक्षा कौन करेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार को भी इस मामले में गंभीरता से जांच करवानी चाहिए। उल्लेखनीय है कि तीन विधायक कांग्रेस की अनीता जाटव भाजपा के रेवंत राम और बयान विधायक रितु पर विधायक निधि फंड में कमीशन खोरी से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इन वीडियो को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी भी काफी गंभीर नजर आए वासुदेव देवनानी ने भी तीनों विधायकों से जुड़े इस मामले को विधानसभा की सदाचार कमेटी को जांच के लिए भेज दिया है।
देवनानी ने इस पूरे मामले में लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला से भी बात की है इसके अलावा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस मामले में पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव को जांच के लिए कहा है तथा तीनों विधायकों के विधायक कोष पर अग्रिम आदेश तक पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है।
यह तीनों विधायक जब तक इस पूरे मामले की जांच नहीं हो जाती तब तक तीनों विधायक अपने इस फंड का उपयोग नहीं कर पाएंगे इस मामला में बयान विधायक निर्दलीय रूप से चुनाव लड़ी थी और चुनाव जीती थी जबकि खींवसर विधायक रेवंत राम ने विधानसभा उपचुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था और चुनाव जीते थे।
इससे पहले रेवंत राम राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी में शामिल थे लेकिन कांग्रेस से बीजेपी में आई ज्योति मिर्धा ने रेवंत राम को बीजेपी ज्वाइन करवाई और फिर नागौर की खींवसर विधानसभा सीट से हुए उपचुनाव में उन्हें टिकट भी दिलवाया और रेवंत राम चुनाव जीत भी गए लेकिन अब जिस तरह से उन पर विधायक निधि फंड के दुरुपयोग करने और कमीशन लेने के जो एजुकेशन लगे हैं।
यह अपने आप में गंभीर विषय है इसलिए अगर इन तीनों विधायकों के खिलाफ जो जांच की जा रही है जांच में विधायकों के खिलाफ लगाए गए सभी एलिगेशन सत्य पाए जाते है तो फिर निश्चित रूप से इन तीनों विधायकों के पोलिटिकल कैरियर पर भी पूरी तरह से ब्रेक लग सकता है।
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