Rajasthan Politics: राजस्थान की राजधानी जयपुर में महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम उस वक्त सियासी अखाड़े में तब्दील हो गया, जब कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत ने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली पर तीखा हमला बोला। मंत्री ने सीधे शब्दों में कहा कि कोविड के मुश्किल समय में जब जनता परेशान थी, तब कांग्रेस सरकार के नेता सरकारी पैसे से अय्याशी कर रहे थे।

कोविड काल में मची थी खुली लूट
बता दें कि जयपुर के कार्यक्रम में मंच से बोलते हुए अविनाश गहलोत काफी आक्रामक नजर आए। उन्होंने ग्राउंड रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि राजस्थान में पिछली सरकार के 5 साल सिर्फ और सिर्फ खर्च और लूट की सरकार रही। दरअसल, मंत्री का इशारा कांग्रेस शासन के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार की तरफ था। उन्होंने दावा किया कि टीकाराम जूली समेत कई बड़े चेहरे इस लूट में शामिल थे और यही वजह है कि जनता ने उन्हें सत्ता से उखाड़ फेंका।
अभी और नेता हैं कतार में
मंत्री गहलोत यहीं नहीं रुके, उन्होंने जेल गए मंत्रियों और अधिकारियों का जिक्र करते हुए माहौल गरमा दिया। बीजेपी सरकार महज एक साल में दिल्ली से सवा लाख करोड़ रुपये राजस्थान के विकास के लिए लेकर आई है। गहलोत ने कहा कि भ्रष्टाचार की वजह से मंत्री और अधिकारी जेल जा चुके हैं और अभी कई लोग कतार में खड़े हैं। जिस मुख्यमंत्री के सामने उनके मंत्री पर पैसे लेने के आरोप लगे हों, वैसी सरकार पर धिक्कार है।
रिफाइनरी को लेकर सोनिया गांधी पर निशाना
गौरतलब है कि अविनाश गहलोत ने पचपदरा रिफाइनरी के बहाने सोनिया गांधी को भी घेरा। उन्होंने बताया कि साल 2013 में बिना किसी पद के सोनिया गांधी से शिलान्यास करवाया गया और प्रोजेक्ट को अटका दिया गया। मंत्री ने साफ किया कि वसुंधरा सरकार ने 38 हजार करोड़ का बजट दिया और अब मोदी जी के हाथों 80 हजार करोड़ की इस परियोजना का लोकार्पण होने जा रहा है, जिससे रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
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