Rajasthan Politics: पुष्कर में चल रहे कांग्रेस के 10 दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर के समापन पर पहुंचे राहुल गांधी ने राजस्थान की लीडरशिप को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने मंच से दो टूक कह दिया कि जो नेता जमीन पर रहकर अच्छा काम करेगा, उसे आगे बढ़ाया जाएगा। वहीं, काम न करने वालों के लिए दूसरा रास्ता खुला है।

राहुल गांधी का यह तेवर देखकर साफ है कि आने वाले दिनों में राजस्थान कांग्रेस के भीतर बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। सोमवार सुबह करीब 10:05 बजे राहुल गांधी का विमान जैसे ही किशनगढ़ एयरपोर्ट पर उतरा, वहां मौजूद नेताओं में जोश भर गया। एयरपोर्ट पर स्वागत के दौरान राहुल गांधी ने राजस्थान कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की पीठ थपथपाई।

राहुल ने कहा कि डोटासरा और जूली के बीच जैसा तालमेल राजस्थान में दिख रहा है, वह दूसरे राज्यों के कांग्रेस नेताओं के लिए एक मिसाल है। इस दौरान किशनगढ़ के स्थानीय विधायक विकास चौधरी ने राहुल गांधी को एक हल भी भेंट किया।

एयरपोर्ट से सीधा राहुल गांधी पुष्कर के वाइल्ड रोज रिसॉर्ट पहुंचे। यहाँ राजस्थान के 50 और दिल्ली के 15 जिला अध्यक्षों का बड़ा जमावड़ा था। इस चिंतन शिविर की सबसे खास बात यह रही कि यहाँ नेताओं के साथ उनके परिवार के सदस्य भी आए थे। राहुल गांधी ने हर एक परिवार से बहुत ही सादगी के साथ मुलाकात की और उनके साथ फोटो भी खिंचवाई।

इसी दौरान डीडवाना-कुचामन के जिला अध्यक्ष के परिवार से आए वरिष्ठ नेता मोहम्मद रमजान ने राहुल गांधी को पुराने दौर का एक किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि देश के पहले चुनाव के वक्त उन्होंने कैसे अपने हाथों से कांग्रेस की पर्चियां बनाई थीं। राहुल गांधी ने उनकी बात को बेहद ध्यान से सुना।

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