Rajasthan Politics: राजस्थान में राज्यसभा चुनाव को लेकर चल रही सारी जोड़-तोड़ और कयासों पर आज अचानक विराम लग गया। जयपुर विधानसभा में नामांकन दाखिल करने का समय खत्म होते ही पूरी तस्वीर साफ हो गई है। तीन सीटों के लिए हो रहे इस दंगल में केवल तीन ही उम्मीदवारों ने पर्चा भरा है।

अब हालत यह है कि मैदान में कोई चौथा खिलाड़ी है ही नहीं। ऐसे में 18 जून को होने वाली वोटिंग की अब कोई जरूरत नहीं पड़ेगी। पर्चा भरने वाले तीनों नेता बिना किसी मुकाबले के सीधे दिल्ली के उच्च सदन यानी राज्यसभा पहुंच रहे हैं।

समझिए जयपुर विधानसभा का पूरा नंबर गेम

राजस्थान की 200 विधानसभा सीटों के गणित को देखें तो राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को 51 विधायकों के वोटों की जरूरत होती है। फिलहाल सूबे में सत्ताधारी बीजेपी के पास 118 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 66 सीटें हैं। बाकी 16 सीटें अन्य छोटी पार्टियों और निर्दलीयों के पास हैं।

इस संख्या बल के हिसाब से बीजेपी के पास दो सीटें आसानी से जीतने का आंकड़ा था, वहीं कांग्रेस के पास भी अपनी एक सीट बचाने के लिए पूरे नंबर थे। चर्चा थी कि अगर बीजेपी अपना तीसरा उम्मीदवार उतार देती, तो चुनाव का रोमांच बढ़ जाता। लेकिन बीजेपी ने ऐसा कोई जोखिम नहीं उठाया और खेल शुरू होने से पहले ही खत्म हो गया।

किसने कितने फॉर्म जमा किए?

निर्वाचन अधिकारी भारत भूषण शर्मा के सामने आज तीनों नेताओं ने अपने-अपने पर्चे सौंपे।

  • डॉ. सतीश पूनिया (बीजेपी): इन्होंने सबसे ज्यादा 4 सेट में अपना नामांकन दाखिल किया।
  • नीरज डांगी (कांग्रेस): कांग्रेस के इकलौते उम्मीदवार ने 3 सेट में फॉर्म जमा किया।
  • डॉ. अलका गुर्जर (बीजेपी): बीजेपी की महिला प्रत्याशी ने 2 सेट में अपना पर्चा भरा।

11 जून को होगा जीत का ऑफिशियल ऐलान

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि मंगलवार, 9 जून को दोपहर 1:30 बजे से इन सभी नामांकन पत्रों की बारीकी से जांच की जाएगी। इसके बाद 11 जून तक नाम वापस लेने का आखिरी मौका रहेगा।

सूत्रों के हवाले से खबर है कि अगर जांच में किसी के फॉर्म में कोई गलती नहीं निकलती है और कोई अपना नाम वापस नहीं लेता है, तो 11 जून की दोपहर को ही इन तीनों को विजेता घोषित कर दिया जाएगा। जिससे साफ है कि 18 जून को होने वाला मतदान अब सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गया है।

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