Rajasthan Politics: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधायकों और जनता की नियमित सुनवाई नहीं करने वाले मंत्रियों को कड़ी चेतावनी दी है. भाजपा विधायकों की बैठक में शामिल मंत्रियों को सीएम ने साफ कहा कि जनता और विधायकों की सुनवाई नियमित रूप से करनी ही होगी.

सीएम ने कहा कि वे खुद लगातार जनता के बीच जाते हैं, फीडबैक लेते हैं और काम समय पर निपटाते हैं. ऐसे में मंत्री और जनप्रतिनिधि आखिर किस व्यस्तता में इतने उलझे हैं कि कार्यकर्ताओं, विधायकों और आम लोगों से मिलने तक के लिए वक्त नहीं है.
सरकार के दो साल पूरे होने पर होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा के दौरान उन्होंने साफ कर दिया कि अब प्रदर्शन और जनता की सुनवाई दोनों को सबसे ऊपर रखना होगा.
विधायकों और कार्यकर्ताओं की ओर से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री निवास पर हुई बैठक में उन्होंने मंत्रियों से दो टूक कहा कि लोगों की समस्याएं सिर्फ सुननी ही नहीं, उनका समाधान भी करना होगा. बैठक में प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, प्रेमचंद बैरवा, जोगाराम पटेल, जोगेश्वर गर्ग सहित पूरा मंत्रिमंडल मौजूद था.
बैठक में उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जनता से दूरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार ने दोनों बजट में सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों को फंड दिया है. अब जनप्रतिनिधियों पर जिम्मेदारी है कि वे अपने इलाकों में मौजूद रहें, लोगों से फीडबैक लें और सुनिश्चित करें कि योजनाओं का लाभ समय पर सही लोगों तक पहुंचे.
उन्होंने मंत्रियों और विधायकों को यह भी कहा कि अब जनसंवाद, प्रवास और फील्ड विजिट अनिवार्य होंगे. साथ ही निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारी भी इसी दौरान तेज करनी होगी. सरकार चाहती है कि उसकी योजनाओं का असर जमीन पर दिखे और इसका सीधा फायदा जनता को मिले.
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