Rajasthan University Student Union Election: राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव कराने और राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र खोलने की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। विश्वविद्यालय के छात्र शुभम रेवाड़ पिछले 11 दिनों से आमरण अनशन पर हैं। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन अस्पताल में भी उनका अनशन जारी है। वहीं, विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर छात्र 18 दिनों से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।

अस्पताल से शुभम रेवाड़ का वीडियो संदेश

अस्पताल से जारी वीडियो में शुभम रेवाड़ ने कहा कि जब तक राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेते, तब तक उनका आमरण अनशन समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि राजस्थानी भाषा राजस्थान की पहचान और गौरव है। यदि प्रदेश में मराठी भाषा के अध्ययन केंद्र खोलने की बात हो रही है, तो उससे पहले राजस्थानी भाषा के अध्ययन केंद्र स्थापित किए जाने चाहिए।

18वें दिन भी जारी रहा छात्रों का प्रदर्शन

राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर छात्रों का धरना लगातार 18वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के दौरान परिसर में युवाओं की नई पीढ़ी यानी Gen Z की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिल रही है। इससे पहले एनएसयूआई से जुड़ी कुछ छात्राओं ने टोंक फाटक के पास पानी की टंकी पर चढ़कर भी विरोध प्रदर्शन किया था।

छात्र नेताओं ने उठाए प्रतिनिधित्व के सवाल

छात्र नेता अरविंद ने कहा कि छात्र पिछले 18 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। उनके अनुसार, पिछले वर्ष भी छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया था, लेकिन सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन चुनाव कराने के पक्ष में नहीं दिखा। उनका कहना है कि छात्रसंघ चुनाव नहीं होने से छात्रों का प्रतिनिधित्व प्रभावित होता है और इसका नुकसान सबसे अधिक आम छात्रों को उठाना पड़ता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब छात्र अपनी समस्याओं को लेकर कुलगुरु से मिलने जाते हैं तो उनसे पूछा जाता है कि वे कौन हैं। उनका कहना है कि छात्रसंघ चुनाव होने पर निर्वाचित प्रतिनिधि छात्रों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने रख सकेंगे।

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