Bihar News: उत्तराखंड में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर को लेकर देश भर में जगह-जगह पर कांग्रेस का प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। बिहार में भी FIR के विरोध में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं उत्तराखंड सीएम का पुतला फूंका और प्रदर्शन किया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने राहुल गांधी पर हुई FIR को लेकर कहा कि, हमारा संदेश साफ है कि खरगे साहब के उत्तराखंड में हुए कार्यक्रम के बाद उस जगह का शुद्धिकरण किया गया। एक दलित ने यहां आम सभा की, उस मैदान को उन्होंने (बीजेपी) पवित्र कराया।

जीतन राम मांझी और राम नाथ कोविंद का दिया उदाहरण

राजेश राम ने कहा कि, राहुल गांधी ने प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से विस्तार से इस मामले पर चर्चा किया कि जिस देश पर दलितों का भी अधिकार है, उसमें दलितों के खिलाफ छुआछूत का मामला चल रहा है। उसे बढ़ावा देने के लिए आप खरगे साहब के जाने के बाद मैदान धुलवाते हो? उन्होंने कहा कि, जीतन राम मांझी जब मुख्यमंत्री थे, तब वह बिहार के एक मंदिर में गए। उनके जाने के बाद मंदिर को धुलवाया गया।

राजेश राम ने आगे कहा कि, पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, जो दलित परिवार से थे, तब वह मंदिर के गर्भगृह में इसलिए नहीं जा सके क्योंकि कि वह दलित हैं, अपवित्र हो जाएगा। उस मुद्दे को लेकर राहुल गांधी ने बात रखी। उसी को लेकर हमारे नेता राहुल गांधी पर FIR हुई। उसके खिलाफ हम यहां प्रदर्शन कर रहे हैं।

पूरे मामले पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया

इस पूरे मामले पर कांग्रेस का कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के भाषण मंच का शुद्धिकरण कर, BJP-RSS के लोगों ने दलित समाज के स्वाभिमान और सम्मान को ठेस पहुंचाई है। वहीं, जब नेता विपक्ष राहुल गांधी ने इस शर्मनाक घटना के खिलाफ आवाज उठाई, तो दोषियों पर कार्रवाई करने के बदले उन्हीं के ऊपर FIR कर दी गई। कांग्रेस का कहना है कि हम BJP-RSS की फैलाई जा रही नफरत के खिलाफ हर मोर्चे पर लड़ने को तैयार हैं। मामले में उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से थाने में तहरीर देते हुए ‘शुद्धिकरण’ करने वाले BJP-RSS के लोगों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।

जानें क्या है पूरा मामला?

आपको बता दें कि पूरा विवाद हल्द्वानी के रामलीला मैदान से जुड़ा हुआ है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बीते 8 अगस्त को रामलीला मैदान से एक सार्वजनिक सभा को संबोधित किया था। कांग्रेस के मुताबिक, इसके तीन दिन बाद 11 अगस्त को कुछ लोगों ने वहां शुद्धिकरण यज्ञ किया, जिसे कांग्रेस खरगे के दलित होने से जोड़ते हुए इसके पीछे बीजेपी की दलित विरोधी मानसिकता बताया। वहीं भाजपा इन सबके पीछे रामलीला मैदान से संबोधन के दौरान अनुचित नारे लगाए जाने का हवाला दे रही है।

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