राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। Meenakshi Natarajan Nomination Rejected: राज्यसभा चुनाव से पहके मध्य प्रदेश में बड़ा खेला हो गया है। एमपी से कांग्रेस की प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हो गया है। इस फैसले के बाद भाजपा ने विधानसभा में जमकर जश्न मनाया। भाजपा की आपत्ति पर निर्वाचन अधिकारी ने यह फैसला लिया है।
विधायकों को लेकर लौटा स्पेशल विमान
विधायकों के स्पेशल विमान भी भोपाल एयरपोर्ट पर वापस लाया गया है। फ्लाइट के टेक ऑफ होते ही वापस लैंडिंग करवाई गई। जिसके बाद सभी कांग्रेस विधायक एयरपोर्ट से बाहर आए।
कानूनी मामले की जानकारी छुपाया का था आरोप
बता दें कि भाजपा ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र पर लिखित आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे निरस्त करने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था के कांग्रेस प्रत्याशी ने तेलंगाना में चल रहे एक कानूनी मामले की जानकारी को अपने हलफनामे में छुपाया है।
विधायकों के बाडेबंदी की कोशिशें नाकाम
बेंगलुरु जा रहे कांग्रेस के विमान को डीजीसीए (DGCA) के नियमों और सुरक्षा जांच के चलते रोक दिया गया था। हालांकि करीब 4 घंटे की जद्दोजहद के बाद ATC ने विमान को क्लियरेंस दे दिया था और विमान ने सभी को लेकर उड़ान भरी थी। लेकिन मीनाक्षी नजराजन के नामांकन रद्द होने के बाद यह बाड़ेबंदी की कोशिशें बेकार हो गई हैं।
मामले का पूरा घटनाक्रम: कब क्या हुआ?
11 मई 2025 (अपराध की तारीख): शिकायतकर्ता ए. श्रीलता की शिकायत के आधार पर यह मामला दर्ज किया गया। 20 अगस्त 2025 (शिकायत दर्ज): ए. श्रीलता ने हैदराबाद की ‘फोर्थ एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट’ की अदालत में मीनाक्षी नटराजन (अभियुक्त नंबर 4) और अन्य के खिलाफ मुख्य याचिका (Complaint No. of 2025) दायर की। इसमें नटराजन पर BNS Act की धारा 356, 61, 45, 46, 351(2), 3(5) और 79 के तहत आरोप लगाए गए हैं।
17 सितम्बर 2025 (न्यायिक समन जारी): माननीय अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मीनाक्षी नटराजन को ‘नोटिस टू रेस्पोंडेंट’ जारी किया। इस समन में उन्हें निजी तौर पर अदालत में पेश होने और अपना जवाब दाखिल करने का सख्त निर्देश दिया गया था।
24 अक्टूबर 2025 (नटराजन का जवाब): मीनाक्षी नटराजन की ओर से उनके वकील ने अदालत में एक जवाबी हलफनामा (Counter) पेश किया। इस जवाब में उन्होंने खुद को बेकसूर बताते हुए पूरी शिकायत को “राजनीतिक विद्वेष” से प्रेरित बताया और इसे खारिज करने की मांग की।
17 नवम्बर 2025 (सुनवाई की तारीख): अदालत ने मामले को खारिज नहीं किया, बल्कि सुनवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी जो आज भी जारी है।

