कुंदन कुमार, पटना। बिहार सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। रक्षाबंधन के पावन अवसर से ठीक पहले, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ की दूसरी किश्त और ‘समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार अभियान’ की औपचारिक शुरुआत की है।

इस योजना के तहत राज्य की लाखों महिलाओं के खातों में करोड़ों रुपये की राशि सीधी ट्रांसफर की गई है, जिससे उनके स्वरोजगार के सपनों को नई उड़ान मिलेगी। सरकार के इस पहल पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी की प्रतिक्रिया सामने आई है।

संजय सरावगी ने कहा कि, रक्षाबंधन के पावन अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सरकार ने बहनों और बेटियों के सम्मान, स्वावलंबन और सशक्तिकरण की दिशा में कई महत्वपूर्ण संकल्प लिए हैं। यह पहल केवल रक्षाबंधन का उपहार नहीं, बल्कि बिहार की महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार है।

उन्होंने कहा कि ‘समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री रोजगार योजना के माध्यम से बिहार की 5 लाख बहनों को 600 करोड़ की सहायता राशि उपलब्ध कराने तथा 1 करोड़ बहनों को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा होने, स्वरोजगार शुरू करने और परिवार की आर्थिक मजबूती में योगदान देने का अवसर मिलेगा।

संजय सरावगी ने कहा कि, बिहार की करीब 10 लाख जीविका दीदियों के घरों को पीएम सूर्य घर योजना से जोड़ने का संकल्प भी महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इससे महिलाओं के परिवारों को बिजली खर्च में राहत मिलेगी और सौर ऊर्जा के माध्यम से अतिरिक्त आय के नए अवसर भी विकसित होंगे।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि, बिहार की बेटियों के लिए महिला विश्वविद्यालय की स्थापना का निर्णय भी दूरगामी महत्व रखता है। इस विश्वविद्यालय में बेटियां उच्च शिक्षा प्राप्त करेंगी और प्राध्यापक से लेकर कुलपति तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी। यह संस्थान शिक्षा के साथ बेटियों में नेतृत्व क्षमता, कौशल, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को नई ऊंचाई देगा।

संजय सरावगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘महिला नेतृत्व वाले विकास’ के संकल्प को बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार मजबूती से आगे बढ़ा रही है। NDA सरकार के लिए बिहार की बहनें केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकसित और आत्मनिर्भर बिहार की निर्माता हैं।

उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर बहनों के लिए लिया गया यह संकल्प स्पष्ट संदेश देता है कि NDA सरकार बहनों के सम्मान के साथ उनके रोजगार, शिक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता को भी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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