अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की राशि और श्रद्धालुओं की संख्या को पारदर्शी बनाने के लिए जल्द ही इसे वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा. मंदिर ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि ने बताया कि प्रशासनिक सुधारों के तहत सीता रसोई में प्रसाद वितरण और परिसर की अन्य व्यवस्थाओं में व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं.
मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. राम मंदिर में अब ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है, जिससे आगे कभी भी चढ़ावा चोरी जैसी घटना की पुनरावृत्ति न हो सके. CEO के मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था संभालते ही व्यापक परिवर्तन दिखने लगेगा. मंदिर ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि ने हाल ही में अपने अयोध्या प्रवास के दौरान यह जानकारी दी. काउंटिंग व्यवस्था को पारदर्शी व सुरक्षित बनाने का काम शुरू हो गया है. अब रोजाना काउंटिंग राशि और दर्शनार्थियों की संख्या का विवरण भी जल्द मंदिर ट्रस्ट की वेबसाइट पर अपलोड करने की तैयारी की जा रही है. उन्होंने बताया कि CEO ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है.
बदलेगी प्रसाद और बैठने की व्यवस्था
स्वामी गोविंद देव गिरि के मुताबिक सीता रसोई में प्रसाद पाने वाले श्रद्धालुओं की व्यवस्था सम्मानजनक नहीं है, जिसे बदला जाएगा. उन्होंने कहा कि लोगों को पत्तल और दोने में प्रसाद दिया जाता है और उनके बैठने की सम्मानजनक व्यवस्था नहीं है. अब उनको बैठाकर बाकायदा प्रसाद को परोसे जाने की व्यवस्था की जाएगी. परिसर में ही 500 सीट के ऑडिटोरियम का निर्माण हो रहा है, जो दिसंबर 2026 तक बनकर तैयार हो जाएगा.
श्रद्धालुओं की सुविधा पर जोर
मंदिर की व्यवस्था में सुधार हो रहा है, अब आरती के साथ गायन का कार्यक्रम भी शुरू कर दिया गया है. CEO जितेंद्र मिश्र के दो दिनों के प्रवास के दौरान विभिन्न बिंदुओं पर बैठकें चलीं, जिसमें व्यवस्था को फूलप्रूफ और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने पर मंथन किया गया. उन्होंने कहा कि श्रद्धालु हमारे अतिथि हैं, उनको यहां पूरा सम्मान मिलना चाहिए.
धार्मिक समिति संभालेगी जिम्मा
गिरि के मुताबिक धार्मिक कार्यक्रमों के लिए धार्मिक समिति का गठन पहले ही किया जा चुका है, जो मंदिर परिसर में होने वाले अनुष्ठान, पर्व व त्योहारों के कार्यक्रम तय कर उनका आयोजन करेगी. समिति में अयोध्या के अलावा बाहर के संतों को रखा गया है. जरूरत पड़ने पर संतों की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है.
उन्होंने बताया कि मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हो गया है और कुछ अतिरिक्त कार्य चल रहे हैं, जिनका निर्माण भी दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है. मंदिर की व्यवस्था को और हाईटेक तथा सुविधाजनक किया जाएगा. उन्होंने बताया कि CEO के साथ सहायक CEO व अन्य की टीम बनेगी जो पूरी व्यवस्था का संचालन करेगी.



