अयोध्या. श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण से जुड़े कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गए हैं. राम मंदिर निर्माण समिति ने निर्माण कार्यों, ऑडिट और लेखा-जोखा की समीक्षा के साथ ही प्रस्तावित राम कथा संग्रहालय की योजना को अंतिम रूप दे दिया है. वहीं, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को आयोजित होगी, जिसमें विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति पर चर्चा की जाएगी.

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि हाल ही में हुई बैठकों में निर्माण कार्यों के समापन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया. विशेष रूप से ऑडिट और खातों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया की समीक्षा की गई, ताकि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ट्रस्ट को सभी अभिलेख व्यवस्थित रूप से सौंपे जा सकें. उन्होंने कहा कि ट्रस्ट को एक विस्तृत एसेट रजिस्टर सौंपा जाएगा, जिसमें मंदिर और परिसर में हुए सभी निर्माण कार्यों का विवरण, अपनाए गए सुरक्षा मानक, निर्माण सामग्री से संबंधित जानकारी और ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (ओ एंड एम) की अवधि सहित सभी आवश्यक जानकारियां शामिल होंगी. सभी संबंधित एजेंसियों ने आश्वासन दिया है कि यह प्रक्रिया 30 जुलाई तक पूरी कर ली जाएगी.

इसे भी पढ़ें : सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चंदा चोरी की जांच! कांग्रेस ने की डिमांड, ट्रस्ट और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप

नृपेंद्र मिश्रा ने यह भी बताया कि ज्वाला मंदिर परिसर स्थित आस्था मंदिर में स्थापित किए जाने वाले अखंड दीपक के डिजाइन को भी अंतिम मंजूरी दे दी गई है. यह दीपक अगले 15 दिनों के भीतर स्थापित कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि राम कथा संग्रहालय की योजना को अंतिम रूप मिल चुका है. इस संग्रहालय में भगवान श्रीराम के जीवन, रामायण काल, भारतीय संस्कृति और सभ्यता से जुड़े विभिन्न पहलुओं को आधुनिक तकनीक और डिजिटल माध्यमों के जरिए प्रस्तुत करने की योजना है. इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को श्रीराम के जीवन और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को समझने का नया अनुभव मिलेगा.

22 जुलाई को होने वाली श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में निर्माण कार्यों की प्रगति, संग्रहालय परियोजना और मंदिर परिसर के अन्य विकास कार्यों पर आगे की रणनीति तय किए जाने की संभावना है.