मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. राम मंदिर में चढ़ावे में करोड़ों की हेराफेरी के आरोपों के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में अंदरूनी जंग खुलकर सामने आ गई है. ट्रस्ट के पूर्व महासचिव रहे चंपत राय ने मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष और पीएम के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा को लेकर 9 पन्नों का विस्फोटक बयान जारी किया है, जिसमें 33 बिंदुओं में कई चौंकाने वाले दावे किए गए हैं.
चंपत राय के 5 सबसे बड़े आरोप
1- मंदिर निर्माण में वही हुआ जो मिश्रा ने चाहा
चंपत राय का दावा है कि साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद से लेकर आज तक मंदिर निर्माण से जुड़ा हर बड़ा फैसला नृपेंद्र मिश्रा की मर्जी से हुआ.
इसे भी पढ़ें : बस कुछ दिन और… राम मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों के खत्म होने की डेडलाइन करीब, जानिए कब पूरा होगा काम
2- कंपनी से लेकर आर्किटेक्ट तक का फैसला अकेले किया
राय के मुताबिक, निर्माण के लिए कौन सी कंपनी काम करेगी, वास्तुकार कौन होगा, डिजाइन क्या होगा – इसका फैसला ट्रस्ट ने नहीं, बल्कि नृपेंद्र मिश्रा ने किया. कई बार दूसरे सदस्यों की राय को महत्व ही नहीं दिया गया.
3- L&T को लाने के पीछे नृपेंद्र मिश्रा
अपने बयान में राय ने साफ लिखा है कि निर्माण एजेंसी के तौर पर Larsen & Toubro (L&T) का चयन नृपेंद्र मिश्रा के कहने पर किया गया था.
4- बैठकों में अनूप मित्तल की मौजूदगी
चंपत राय ने कहा कि निर्माण समिति की बैठकों में नृपेंद्र मिश्रा के साथ लगातार अनूप मित्तल आते थे और फैसलों में उनकी भी बड़ी भूमिका रहती थी.
इसे भी पढ़ें : रफ्तार और रोजगार का नया मॉडल: काशी के नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से खुलेगा समृद्धि का रास्ता; मोदी सरकार के इस मास्टरस्ट्रोक ने बढ़ाई विकास की स्पीड
5- सभी निर्णयों के केंद्र में मिश्रा
राय का आरोप है कि मंदिर निर्माण के सभी निर्णयों में नृपेंद्र मिश्रा ही प्रमुख रहे, ट्रस्ट की भूमिका सिर्फ औपचारिक रह गई.
क्या है चढ़ावा चोरी का मामला
पिछले कुछ हफ्तों से आरोप लग रहे हैं कि भक्तों द्वारा राम मंदिर में चढ़ाए गए करोड़ों रुपये नकद और सोना-चांदी गायब है. इस मामले में FIR दर्ज हुई है और SIT जांच कर रही है. इसी बीच नृपेंद्र मिश्रा ने खुद कहा था कि ‘चोरी कब से हो रही थी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है’ लेकिन उन्होंने चंपत राय की 35 साल की निष्ठा पर सवाल उठाने से इनकार किया था..चंपत राय के इस नए बयान के बाद अब ट्रस्ट के दो सबसे बड़े चेहरों के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है, जिससे जांच की दिशा भी बदल सकती है.

