रामपुर के बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र में विवाहिता नसरीन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने उसके पति इसरार उर्फ गुड्डू को गिरफ्तार किया है. परिजनों ने दहेज और मायके की संपत्ति को लेकर प्रताड़ना के बाद हत्या का आरोप लगाया है.
रामपुर. बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र में 14 अगस्त की रात विवाहिता नसरीन की मौत के मामले में पुलिस ने उसके पति इसरार उर्फ गुड्डू को गिरफ्तार किया है. मृतका के परिजनों ने दहेज और मायके की संपत्ति को लेकर ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगाया है. पुलिस ने मामले में पति समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.
संपत्ति को लेकर आरोप
थाना टांडा क्षेत्र के शिकारपुर निवासी इसरार ने बिलासपुर कोतवाली में तहरीर दी थी. उन्होंने बताया कि उनकी भतीजी नसरीन का निकाह वर्ष 2013 में केमरी थाना क्षेत्र के तारन गांव निवासी इसरार के साथ हुआ था.
नसरीन के पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी, जबकि निकाह के करीब चार साल बाद उसकी मां का भी निधन हो गया. मृतका का कोई भाई नहीं था, इसलिए पिता की संपत्ति का बंटवारा सात बेटियों में हुआ था.
आरोप है कि इसके बाद ससुराल पक्ष नसरीन के हिस्से में आई जमीन बेचकर रुपये लाने का दबाव बनाने लगा. मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ लगातार मारपीट और प्रताड़ना की जाती थी.
14 अगस्त की घटना
परिजनों के मुताबिक, घरेलू विवाद बढ़ने के बाद नसरीन अपने परिवार के साथ टांडा के हुरमतनगर में किराए के मकान में रहने लगी थी. आरोप है कि 14 अगस्त की रात करीब दो बजे ससुराल पक्ष के लोगों ने उसके हाथ-पैर और प्राइवेट पार्ट बांधकर गर्म धातु से जलाया और करंट देकर उसकी हत्या कर दी.
मामले में पुलिस ने पति इसरार उर्फ गुड्डू के अलावा हनीफ, बब्बो, नूर आलम, रफत और इस्तेखार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस ने पति इसरार उर्फ गुड्डू को गिरफ्तार कर लिया है.
पोस्टमार्टम में चोटें
अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह के मुताबिक, मृतका का पोस्टमार्टम 15 अगस्त को कराया गया था. पोस्टमार्टम में मल्टीपल बर्न इंजरी सामने आई हैं. रिपोर्ट में इलेक्ट्रिक शॉक दिए जाने की बात बताई गई है.
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार पति ने भी पत्नी को करंट लगाकर हत्या करने की बात स्वीकार की है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विवेचना कर रही है और नामजद अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है.
पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.


