ODISHA DESK, पुरी: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में समय से पहले प्रस्तावित भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा को स्थगित कर दिया गया है। पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) द्वारा इस पर कड़ी आपत्ति जताए जाने के बाद यह फैसला लिया गया, जिससे सदियों पुरानी पवित्र परंपरा और धार्मिक कैलेंडर की मर्यादा बनी रही।
हापुड़ की ‘भगवान श्री जगन्नाथ रथयात्रा सेवा समिति’ ने जिला प्रशासन को लिखित सहमति सौंपकर आगामी 14 जून को होने वाले अपने जुलूस (रथयात्रा) को टालने का निर्णय लिया है। यह कदम पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) के हस्तक्षेप के बाद उठाया गया है, जिसने स्पष्ट रूप से कहा था कि देश में कहीं भी रथयात्रा का त्योहार पुरी में तय किए गए पारंपरिक कार्यक्रम के अनुसार ही होना चाहिए।
एसजेटीए (SJTA) के मुख्य प्रशासक अरबिंद कुमार पाढ़ी ने इस फैसले का स्वागत किया है और त्वरित कार्रवाई के लिए हापुड़ जिला प्रशासन व समिति को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “समिति पुरी मंदिर द्वारा तय किए गए कार्यक्रम के अनुसार ही रथयात्रा आयोजित करने पर सहमत हो गई है। हम समय पर किए गए इस हस्तक्षेप और सहयोग के लिए आभारी हैं।”
इससे पहले, SJTA ने प्रस्तावित कार्यक्रम पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराते हुए चेतावनी दी थी कि समय से पहले रथयात्रा निकालना धार्मिक परंपराओं का उल्लंघन होगा। सनातन धार्मिक कैलेंडर के अनुसार, इस वर्ष पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा 16 जुलाई को निर्धारित है।
इस पूरे घटनाक्रम ने धार्मिक और अनुष्ठानिक पवित्रता को बनाए रखने को लेकर पुरी मंदिर प्रशासन के सख्त रुख को एक बार फिर रेखांकित किया है, जिससे बिना अनुमति के असमय होने वाले आयोजनों पर उपजे विवाद को समय रहते टाल दिया गया।
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