संजय पाटीदार, भोपाल। पेपर लीक के बाद रविवार को आयोजित री-नीट परीक्षा प्रदेशभर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। मध्यप्रदेश के 283 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। राजधानी में 32 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। भोपाल के इन परीक्षा केंद्रों में तेरह हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि भोपाल के विभिन्न केंद्रों पर भी बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन, मेटल डिटेक्टर जांच और दस्तावेजों की जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। कई छात्राओं को आभूषण उतारने पड़े, वहीं छात्रों के कलावे भी बाहर रखवाई गई।
परीक्षा के बाद बाहर निकले अधिकांश विद्यार्थियों ने प्रश्नपत्र को पिछले एग्जाम की तुलना में अधिक कठिन बताया। छात्रों के बताया कि फिजिक्स सबसे चुनौतीपूर्ण रही, जबकि केमिस्ट्री ने भी काफी समय लिया। कई अभ्यर्थियों का मानना है कि पेपर कठिन होने के कारण इस बार कटऑफ में कमी आ सकती है। विद्यार्थियों ने कहा कि री-एग्जाम की तैयारी के दौरान मानसिक दबाव बना रहा और दोबारा उसी स्तर की तैयारी करना आसान नहीं था।
शिक्षा का सिस्मट सही करने की मांग
परीक्षा के दौरान समय पालन को लेकर भी सख्ती देखने को मिली। भोपाल के कई केंद्रों पर दोपहर 1:30 बजे गेट बंद कर दिए गए, जिसके बाद कुछ सेकंड या मिनट की देरी से पहुंचे अभ्यर्थियों को भी प्रवेश नहीं मिला। कुछ अभ्यर्थी 30 से 40 सेकंड की डेरी में पहुंचे लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं मिल सका कुछ छात्र गलत परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के कारण परीक्षा से वंचित रह गए। रश्मि सागोरिया ने बताया कि 3 मई को जो पेपर हुआ था उसे आज का पेपर थोड़ा कठिन था। फिजिक्स के प्रश्न टफ आए है। हम सब स्टूडेंट सालभर अच्छे से तैयारी करते हैं। शिक्षा का सिस्टम सही होना चाहिए इसमें सुधार होना चाहिए, ताकि किसी भी परीक्षा का पेपर लीक न हो।
अर्चनान मेवाती ने बताया कि परीक्षा के पेपर लीक नहीं होने चाहिए। पिछली बार हुए पेपर में भी उन्होंने काफी मेहनत की थी, लेकिन परीक्षा के कुछ दिनों बाद पेपर लीक होने की जानकारी मिली थी। ऐसी स्थिति में दोबारा परीक्षा होने का डर और मानसिक तनाव बना रहा, जिससे हमको परेशानी का सामना करना पड़ता है। भोपाल के छात्र इब्राहिम अली ने बताया कि इस बार का नीट पेपर पिछले बार की तुलना में थोड़ा कठिन था। उनके अनुसार फिजिक्स सबसे ज्यादा कठिन रही, जबकि केमिस्ट्री भी कुछ हद तक टफ थी। वहीं बायोलॉजी का पेपर आसान रहा।


