रेवाड़ी जिले के कोसली थाना क्षेत्र में 20 साल की युवती द्वारा रेप का केस दर्ज कराने के बाद 68 वर्षीय बुजुर्ग आरोपी ने खुदकुशी कर ली। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों पर मुकदमे दर्ज कर निष्पक्ष जांच के लिए युवती का डीएनए टेस्ट कराने की प्रक्रिया शुरू की है।
रेवाड़ी। जिले से एक बेहद संवेदनशील और पेचीदा मामला सामने आया है। कोसली थाना क्षेत्र के एक गांव में 20 वर्षीय युवती द्वारा पड़ोसी बुजुर्ग पर दुष्कर्म का आरोप लगाए जाने के बाद 68 वर्षीय आरोपी ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर अलग-अलग मामले दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। सच्चाई का पता लगाने के लिए पुलिस पीड़िता का डीएनए टेस्ट कराएगी।
6 महीने पहले का आरोप
पीड़ित युवती ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि करीब छह महीने पहले पड़ोसी बुजुर्ग ने उसे लस्सी देने के बहाने अपने घर बुलाया था। इसके बाद वह उसे छत पर ले गया और डरा-धमकाकर दुष्कर्म किया। आरोपी द्वारा जान से मारने की धमकी दिए जाने के कारण युवती डर के मारे चुप रही। कुछ समय बाद जब उसका पेट निकलने लगा, तो उसने 16 जुलाई को अपनी मां को पूरी आपबीती बताई। प्रेगनेंसी किट से जांच करने पर उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद परिजनों के बीच विवाद बढ़ा और मामला पुलिस तक पहुंचा।
केस दर्ज होने पर खुदकुशी
पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने के तुरंत बाद 68 वर्षीय आरोपी बुजुर्ग ने संदिग्ध परिस्थितियों में अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। परिजन उसे तत्काल कोसली अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के बेटे ने पुलिस को एक सुसाइड नोट सौंपते हुए आरोप लगाया है कि युवती के परिजन उसके पिता से पैसे ऐंठने की नीयत से दबाव बना रहे थे। पुलिस ने इस शिकायत को भी जांच में शामिल कर लिया है।
निष्पक्षता के लिए डीएनए जांच
मामले की जांच कर रही अधिकारी पूनम देवी ने बताया कि घटना की सच्चाई सामने लाने और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए युवती का डीएनए परीक्षण करवाया जा रहा है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि गर्भ में पल रहे बच्चे का जैविक पिता कौन है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बयानों और सुसाइड नोट के आधार पर गहनता से जांच आगे बढ़ाई जा रही है।


