रेवाड़ी में 15 जून से मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान शुरू किया जाएगा, जिसके तहत बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे।
धनेश विद्यार्थी, रेवाड़ी। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी दी कि केंद्र निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 15 जून से विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण अभियान 2026 की शुरुआत की जाएगी। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए जिले के सभी बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) और सुपरवाइजरों के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण के बाद बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन करेंगे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, त्रुटिहीन और विश्वसनीय बनाना है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान बीएलओ को सर्वेक्षण, प्रपत्र वितरण, नए नाम जोड़ने और अपात्रों के नाम हटाने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया है ताकि काम में कोई चूक न हो।
घर-घर जाकर होगा मतदाताओं का सत्यापन
अभियान के तहत बीएलओ और सुपरवाइजर घर-घर जाकर मृत मतदाताओं के नाम सूची से हटाएंगे और दोहरी प्रविष्टियों को समाप्त करेंगे। साथ ही, स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं के रिकॉर्ड को अपडेट किया जाएगा और नए पात्र नागरिकों के नाम सूची में जोड़ने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। डीसी अभिषेक मीणा ने स्पष्ट किया कि 1 जुलाई 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सभी पात्र नागरिक इस अभियान के तहत अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करवा सकेंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सूची में होना अनिवार्य है। जिन नागरिकों का नाम पूर्व सूची में नहीं है, उन्हें अपने सत्यापित दस्तावेजों के साथ गणना प्रपत्र बीएलओ को जमा कराना होगा।
एक जुलाई तक पात्र करवा सकेंगे नामांकन
जिला निर्वाचन अधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपना नाम सूची में दर्ज कराने के लिए बीएलओ को पूरा सहयोग दें और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएं। प्रत्येक मतदाता के लिए भरा हुआ गणना प्रपत्र बीएलओ को देना अनिवार्य है ताकि सूची का डेटाबेस सटीक बना रहे। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले का कोई भी पात्र मतदाता इस बार सूची से न छूटे। बीएलओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें और सत्यापन कार्य को पारदर्शिता के साथ पूरा करें। यदि किसी नागरिक को आवेदन में कोई समस्या आती है, तो वे अपने संबंधित बूथ पर जाकर जानकारी ले सकते हैं। इस पुनरीक्षण कार्य से चुनावी प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी और सुगम हो सकेगी।

