कुंदन कुमार/पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा आयोजित सहयोग कार्यक्रम इन दिनों प्रदेश की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस कार्यक्रम के जरिए जनता की शिकायतों के निपटारे का दावा किया जा रहा है लेकिन मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने इसे महज एक दिखावा करार दिया है। आरजेडी प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने सरकार के कामकाज पर कड़े सवाल खड़े करते हुए इसे पूरी तरह विफल बताया है।
सरकारी दावों की पोल खोलती हकीकत
शक्ति सिंह यादव ने आरोप लगाया कि इस सरकार से आम जनता को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अनुमंडल से लेकर पंचायत स्तर तक हजारों लोग अपनी फरियाद लेकर भटक रहे हैं लेकिन कहीं कोई समाधान नहीं हो रहा है। आरजेडी प्रवक्ता के अनुसार राज्य का खजाना पूरी तरह खाली हो चुका है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और सरकार के अन्य प्रमुख चेहरे जनता की समस्याओं को दरकिनार कर कुछ भी बोल रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि सत्ताधारी दल के विधायक खुद इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि उन्हें विकास कार्यों के लिए फंड नहीं मिल पा रहा है जिसके चलते वे अपने क्षेत्रों में कोई काम नहीं करवा पा रहे हैं।
पूर्व सीएम नीतीश कुमार की घेराबंदी का दावा
शक्ति सिंह यादव ने जदयू के सांसदों के बयानों का हवाला देते हुए एक बड़ा राजनीतिक खुलासा किया। उन्होंने कहा कि जदयू के सांसद अब खुद यह शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने नहीं दिया जा रहा है। आरजेडी ने दोहराया कि वे पहले दिन से ही कह रहे हैं कि नीतीश कुमार को तीन-चार लोगों के एक विशेष समूह ने घेर रखा है जिसके कारण वे स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने में असमर्थ हैं। आरजेडी के अनुसार यह बात अब पूरी तरह साबित हो चुकी है कि नीतीश कुमार राज्य के मामलों में लाचार हैं।
कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल
राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर प्रहार करते हुए शक्ति सिंह यादव ने कहा कि पटना जैसे राजधानी शहर में अपराधी बेखौफ होकर अपहरण और हत्या जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने प्रशासन की विफलता के पीछे सत्ता का संरक्षण बताया। आरजेडी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जनता सत्ताधारी दल के इन कारनामों को बारीकी से देख रही है और समय आने पर एक-एक हिसाब लिया जाएगा।

