कुंदन कुमार, पटना। बिहार की सियासत में एक बार फिर आरक्षण का मुद्दा गरमाता नजर आ रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रदेश कार्यालय के बाहर एक नया पोस्टर चर्चा का केंद्र बन गया है। इस पोस्टर के जरिए राजद नेता पिंटू राम भंगी ने अनुसूचित जाति (SC) के भीतर उप-वर्गीकरण यानी कोटा के अंदर कोटा लागू करने की जोरदार मांग उठाई है। इस घटना ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
पोस्टर के जरिए दो प्रमुख मांगें
राजद नेता पिंटू राम भंगी की ओर से लगाए गए इस पोस्टर में मुख्य रूप से दो बड़े राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को लक्षित किया गया है:
- तेजस्वी यादव से अपील: राजद नेता ने पार्टी के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव से आग्रह किया है कि वे इस महत्वपूर्ण मुद्दे को प्रमुखता से उठाएं और वंचित जातियों के अधिकारों के लिए अपनी आवाज बुलंद करें।
- सम्राट चौधरी को चेतावनी/मांग: इसके साथ ही, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से राज्य में जल्द से जल्द कोटा के अंदर कोटा की व्यवस्था को सख्ती से लागू करने की मांग की गई है।
क्या है इसके पीछे का मुख्य तर्क?
राजद नेता का तर्क है कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया दिशा-निर्देशों और व्यवस्था का पालन करते हुए राज्य में उप-वर्गीकरण होना चाहिए। उनका आरोप है कि अनुसूचित जाति के दायरे में आने वाली कुछ चुनिंदा जातियां (जैसे- पासवान, पासी, रविदास और धोबी) अन्य 18 छोटी और पिछड़ी जातियों का हक मार रही हैं और उनका लगातार शोषण कर रही हैं। उनका मानना है कि जब तक उप-वर्गीकरण नहीं होगा, तब तक सबसे ज्यादा वंचित और अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को आरक्षण का वास्तविक लाभ नहीं मिल पाएगा। इस संबंध में उन्होंने तेजस्वी यादव को आधिकारिक पत्र भी लिखा है।



