Bihar News: बांकीपुर उपचुनाव के लिए नामांकन का दौर अब थम चुका है। कल नामांकन के अंतिम दिन 13 जुलाई को बीजेपी प्रत्याशी नीरज सिन्हा समेत कुल 4 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल किया। इसके साथ ही अब बांकीपुर उपचुनाव के लिए कुल 15 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके बीच मुकाबला होना है। इस बीच भाजपा प्रत्याशी नीरज सिन्हा से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसमें से एक वीडियो को शेयर करते हुए रोहिणी आचार्य ने भाजपा पर निशाना साधा है।

रोहिणी ने वीडियो शेयर कर साधा निशाना

दरअसल रोहिणी आचार्य ने जिस वीडियो को शेयर किया है, उसमें भाजपा के उम्मीदवार नीरज सिन्हा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के साथ नजर आ रहे हैं। नामांकन के बाद वह लोगों को प्रणाम करते हैं। इस दौरान जैसे ही मीडिया उनसे सवाल करना शुरू करती है, संजय सरावगी उन्हें अपनी बाह से नीचे की ओर निकालते हुए पीछे भेजते हुए दिखाई दे रहे हैं। साथ ही ऐसा भी प्रतित होता है कि कोई उन्हें पीछे से खींच या बुला रहा है। सोशल मीडिया पर नीरज सिन्हा का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे रोहिणी ने भी मुद्दा बनाते हुए भाजपा पर निशाना साधा है।

बीजेपी का ‘जबरिया दुल्हा’ चुनावी फेरे ले पाएगा या नहीं?

रोहिणी आचार्य ने अपनी पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा, बीजेपी का ‘जबरिया दुल्हा’ चुनावी फेरे ले पाएगा या नहीं? बिहार में ‘जबरिया विवाह / जबरिया दुल्हा ‘ बनाने की कहानियां तो बहुत सुनी थीं, जहां लड़के को अगवा करके जबरन सिंदूर दान करवा दिया जाता था। लेकिन राजनीतिक.संदर्भ में पटना की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की सीट पर पहली बार ‘जबरिया उम्मीदवारी’ का लाइव नजारा बीजेपी के सौजन्य से ही देखने को मिला है।

पहले बीजेपी ने बड़े गाजे-बाजे के साथ किसी अभिषेक कुमार सिन्हा का टिकट फाइनल किया, लड्डू बांटे गए, बीजेपी के नेताओं की बारात सज गई, लगा कि दूल्हा सात फेरे लेने को तैयार है, लेकिन अगले ही दिन खबर आई कि ‘पारिवारिक कारणों’ से दूल्हे ने चुनावी फेरे लेने से इंकार कर दिया।

नीरज सिन्हा को बताया बीजेपी का जबरिया दुल्हा

रोहिणी ने आगे लिखा कि, अब जब बारात दरवाजे पर खड़ी हो और दूल्हा गायब हो जाए, तो इज्जत बचाने के लिए आनन-फानन में क्या किया जाता है? वही, जो पुरानी फिल्मों में होता था। “दुल्हे के छोटे भाई या बगल के किसी सीधे-साधे लड़के को पकड़ो, सेहरा पहनाओ और मंडप में बिठा दो!” बीजेपी ने भी यही किया। मात्र कुछ ही घंटों के भीतर ‘जबरिया नीति’ अपनाते हुए किसी नीरज कुमार सिन्हा को बुलाया गया, उसके सिर पर पार्टी का सिंबल (सेहरा) बांधा गया और कहा गया “बाबू अब इज्जत दांव पर लगी है। बस किसी तरह से कमलगट्टों की फौज व् निक्कर गैंग की लाज बचाओ।” अब देखना दिलचस्प है कि ‘ जबरिया दुल्हा ‘ चुनावी मंडप में टिक कर चुनावी फेरे ले पाता है या फेरों के बीच ही बैठ जाता है।

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