Bihar news: नीट पेपर लीक मुद्दे को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर हो रहे छात्रों के प्रदर्शन को लेकर पीएम मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि, पेपर लीक घटना को लेकर सरकार गंभीर है और जल्द ही सरकार इस मामले पर बड़ा और जरूरी कदम उठाएगी। पीएम मोदी के वीडियो संदेश पर लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।
रात 12 बजे संबोधन को लेकर उठाया सवाल
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया एक्स पर पीएम मोदी की एक तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, रात के बारह बजे देश के युवाओं को प्रधानमंत्री के द्वारा संबोधित किया जाना मुंह छुपाने जैसा है। उन्होंने कहा कि, NEET परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के बाद जब लाखों युवा अपनी रातों की नींद हराम करके देश भर में सड़कों पर न्याय की गुहार लगा रहे हों, उस वक्त अगर खुद को देश का प्रधान सेवक बताने वाले अचानक ‘रात के बारह बजे’ वीडियो कॉल पर पधारें, तो नजारा वाकई में हास्यास्पद बन जाता है।
नोटबंदी के जैसे नहीं मिला ‘शुभ मुहूर्त’
रोहिणी आचार्य ने आगे लिखा, जैसे नोटबंदी रात के 8 बजे हुई थी, ठीक वैसे ही NEET के छात्रों के भविष्य पर बात करने के लिए प्रधानमंत्री को रात के 12 बजे से बेहतर ‘शुभ मुहूर्त’ नहीं मिला? जब लगभग पूरा देश सो रहा था, देश के लाखों युवा एवं छात्र अपने भविष्य की चिंता में करवटें बदल रहे थे, तभी प्रधानमंत्री मुंह छुपाने के मोड में सामने आए और अपने प्रवचन की घुट्टी पिला कर चले गए l
रोहिणी ने कहा कि, काश प्रधानमंत्री अपने प्रवचन में यह भी कह ही जाते कि “हम इसे ‘पेपर लीक’ नहीं कहेंगे। यह तो मेरे पारदर्शी गवर्नेंस की दिशा में एक कदम है , जिसमें परीक्षा से पहले ही प्रश्न पत्र छात्रों के पास पहुंच जाता है और यही मेरा असली ‘ई-गवर्नेंस’है!
पीएम मोदी का वीडियो संदेश
पीएम मोदी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि, पेपर लीक घटना से अब तक पिछले ढाई महीनों में कई असरदार कदम उठाए गए हैं। दोषी पकड़े गए हैं और जेल में हैं। हमारी सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी थी कि विद्यार्थियों का साल बर्बाद न हो। तत्काल पेपर लेना जरूरी था। सरकार ने पूरी ताकत लगाई ताकि 22 लाख विद्यार्थियों की कम से कम समय में परीक्षा हो जाए। 19 जुलाई को रिजल्ट भी आ गए।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि, मैंने आज विभागों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट के लिए विभागों को निर्देश दिए थे। विभागों ने मुझे देर रात प्रस्ताव दे दिया। इस प्रस्ताव पर कल कैबिनेट में चर्चा होगी। कैबिनेट के साथियों के सुझावों के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। सोमवार से संसद का दूसरा हफ्ता शुरू हो रहा है, इसलिए उस बिल को जल्द से जल्द सदन में पारित कराने का प्रयास जाएगी।
सोनम वांगचुक ने खत्म की भूख हड़ताल
उधर बीते 26 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। कल देर रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह उनसे मुलाकात करने मेदांता हॉस्पिटल पहुंचे, जहां उनकी मौजूदगी में उन्होंने अपना अनशन तोड़ा। सोनम वांगचुक ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, अभी-अभी केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में मैंने आखिरकार 26 दिन बाद अपना अनशन समाप्त किया।
उन्होंने कहा कि, इससे पहले अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के 65 सांसद मुझसे मिलने आए थे या लेटर पर साइन करके मुझसे अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया था। यह अलग-अलग शर्तों पर लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा को देखते हुए किया गया।
जंतर मंतर पर सीजेपी का धरना-प्रदर्शन जारी
सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने के बाद भी जंतर मंतर पर सीजेपी का धरना प्रदर्शन जारी है। आज शुक्रवार की सुबह मीडिया से बातचीत में CJP प्रवक्ता वैष्णवी गौर ने बताया कि, सरकार हमसे न्यूट्रल स्थान पर मिलने के लिए सहमत हो गई है। हम अपनी मांगें रखेंगे, जिन पर हम पहले दिन से कायम हैं। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजा, निर्दोष प्रदर्शनकारियों पर सभी एफआईआर हटाई जाएं और उन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो जिन्होंने प्रदर्शनकारियों पर बर्बरता की।
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