रोहतक में 9वीं कक्षा के छात्र ने घर के स्टोर रूम में खुदकुशी कर ली। इकलौते बेटे की अचानक मौत से परिवार और गांव डीघल में शोक की लहर दौड़ गई है।

रोहतक। सेक्टर-33ए में मंगलवार शाम उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब एक खुशहाल परिवार की दुनिया कुछ ही सेकेंड में उजड़ गई। 14 वर्षीय जनक अहलावत ने अपने पिता की लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली। गोली की आवाज सुनते ही परिवार के लोग भागते हुए स्टोर रूम की तरफ पहुंचे, लेकिन वहां जो दृश्य था उसने सबको सन्न कर दिया।

जनक खून से लथपथ पड़ा था। परिवार का इकलौता बेटा हमेशा के लिए खामोश हो चुका था। घर में मातम पसर गया और मां-बाप की चीखें सुन आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए। जिसने भी यह खबर सुनी, वह स्तब्ध रह गया।
मृतक की पहचान गांव डीघल निवासी जनक अहलावत के रूप में हुई है, जो फिलहाल परिवार के साथ सेक्टर-33ए में रह रहा था। वह 9वीं कक्षा में पढ़ता था।

शुरुआती जांच में सामने आया है कि जनक घर के स्टोर रूम में गया और कनपटी से रिवाल्वर सटाकर गोली चला ली। गोली लगते ही उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। Rakesh Malik ने बताया कि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। फिलहाल आत्मघाती कदम उठाने के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं।

जानकारी के अनुसार जनक के पिता सतीश दिल्ली के एक सरकारी विभाग में कार्यरत हैं। परिवार मूल रूप से गांव डीघल के डाल्याण पाना का रहने वाला है और इलाके के सम्मानित परिवारों में गिना जाता है। परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक जनक शांत स्वभाव का बच्चा था और घर का बेहद लाड़ला था। उसकी अचानक मौत ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है।