अविनाश श्रीवास्तव/ सासाराम/दरिहट। बिहार के रोहतास जिले के दरिहट थाना क्षेत्र स्थित बेरकप गांव में प्राचीन आस्था के केंद्र ठाकुरबाड़ी में हुई चोरी की घटना ने क्षेत्र के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। लगभग 300 साल पुरानी अष्टधातु की बेशकीमती मूर्तियों के चोरी होने के बाद पुलिस की अब तक की विफलता से आक्रोशित ग्रामीणों ने एक विशाल महापंचायत बुलाई। इस महापंचायत में आसपास के कई गांवों के सैकड़ों लोग एकजुट हुए और प्रशासन के प्रति अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
क्या है पूरा मामला?
बीती 21 जून को बेरकप गांव स्थित ऐतिहासिक ठाकुरबाड़ी में अज्ञात चोरों ने धावा बोला था। चोरों ने मंदिर के गर्भ गृह से भगवान श्रीराम, श्री कृष्ण और ठाकुर जी की सदियों पुरानी अष्टधातु की मूर्तियां पार कर दीं। घटना के बाद जब ग्रामीणों ने खोजबीन की तो पास के ही एक खेत में देवी सीता की खंडित मूर्ति तो बरामद हो गई लेकिन अन्य प्रमुख मूर्तियां अब भी लापता हैं। इन मूर्तियों का इतिहास लगभग 270 से 300 साल पुराना बताया जा रहा है, जो स्थानीय निवासियों के लिए केवल धातु की वस्तुएं नहीं बल्कि उनकी आस्था का आधार हैं।
महापंचायत में पुलिस को खरी-खरी
बढ़ते आक्रोश के बीच बुलाई गई महापंचायत में दरिहट थानाध्यक्ष रवि रंजन प्रियदर्शी को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। आक्रोशित ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मूर्तियों की बरामदगी और चोरों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे बड़े पैमाने पर उग्र आंदोलन शुरू करेंगे। ग्रामीणों का तर्क है कि इतनी बड़ी घटना के इतने दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली होना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है।
थानाध्यक्ष का आश्वासन
मौके पर मौजूद थानाध्यक्ष रवि रंजन प्रियदर्शी ने ग्रामीणों को शांत कराते हुए आश्वासन दिया कि पुलिस इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस की टीम लगातार सुराग जुटा रही है और जल्द ही इस मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। फिलहाल पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है और ग्रामीण अपनी प्राचीन धरोहरों की वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

